क्या अग्निपथ से अंधकार में है युवाओं का भविष्य पथ! सेना में संविदा भर्ती कितनी सही, क्या योजना का मकसद ही कम पैसों में जवानों की भर्ती करना है?

agnipath scheme

एक ओर जहां देशभर में सेना भर्ती की नई योजना ‘अग्निपथ’ (agnipath scheme) को लेकर युवा विरोध कर रहे हैं तो इसी कड़ी में राजस्थान के युवाओं को भी ये नइ्र योजना रास नहीं आ रही है। सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे आक्रोशित युवाओं ने योजन की घोषणा के 24 घंटे के भीतर ही जयपुर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बुधवार को जयपुर के कालवाड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवकों ने दिल्ली-अजमेर हाईवे जाम कर दिया।

प्रदर्शनकारी इस दौरान करीब एक घंटे से अधिक समय तक हाईवे पर खड़े रह कर प्रदर्शन करते रहे। इससे हाईवे दोनों तरफ करीब 2 किलोमीटर का जाम लग गया। वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस ने युवकों को मामला समझा बुझा कर मामला शांत कराया। युवकों ने कहा- केंद्र सरकार को योजना वापस लेनी चाहिए।

जानकारी के अनुसार सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवकों ने बुधवार दोपहर करीब तीन बजे जयपुर में हाईवे जाम कर दिया था। युवक ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में नारे लगा रहे थे। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

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जयपुर में अग्निपथ योजना का विरोध करते युवा। देशभर में  इसी तरह योजना का विरोध कर रहे हैं। फोटो सोशल मीडिया।

सेना में भी संविदा की तरह भर्ती करना बेमानी

प्रदर्शनकारी युवाओं का का कहना है कि केंद्र सरकार ने हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सेना में संविदा के आधार पर भर्ती की जा रही है। सालों से सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के साथ ठगी की जा रही है। यह योजना न केवल युवाओं को नुकसान पहुंचाएगी, बल्कि सेना की गोपनीयता और विश्वसनीयता को भी भंग कर देगी है। ऐसे में केंद्र सरकार को इस योजना को बंद कर पहले की तरह भर्ती प्रक्रिया बहाल करनी चाहिए।

अग्निपथ योजना पर सरकार का बड़ा फैसला आया है, इस साल भर्ती के लिए अपर एज लिमिट 21 से बढ़ाकर 23 साल की

इधर केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के लिए अपर एज लिमिट 21 साल से बढ़ाकर 23 साल करने का ऐलान किया है। यह छूट केवल इसी साल के लिए लागू होगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पिछले दो साल में कोई भर्ती नहीं होने के कारण यह फैसला लिया गया है। इससे पहले अग्निवीर बनने के लिए पहले निर्धारित आयु सीमा 17.5 साल से 21 साल थी।

मुजफ्फरपुर और बक्सर में भी हंगामा

इससे पहले, मुजफ्फरपुर में सड़क पर आगजनी तो बक्सर में रेलवे ट्रैक पर चढ़कर प्रदर्शन किया गया। बक्सर में युवाओं ने ट्रेन पर पत्थर फेंके तो मुजफ्फरपुर में सड़कों पर उतर आए। युवाओं ने मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के पास चक्कर चौक पर बवाल किया। इसके अलावा चक्कर मैदान के पास गोबरसही चौक पर भी प्रदर्शन किया। 

जबकि बक्सर में रेलवे ट्रैक पर हंगामा के दौरान काशी पटना एक्सप्रेस को अभ्यर्थियों ने करीब 10 मिनट तक रोक दिया। रेलवे ट्रैक पर छात्रों का हंगामा देख रेल सुरक्षा बल और रेल थाना समेत रेल प्रबंधन की टीम ट्रैक खाली कराने के लिए पहुंची। अभ्यर्थियों को समझाया गया। इसके बाद जाकर वे रेलवे ट्रैक से हटे।

इधर हरियाणा में भारतीय सेना में भर्ती की नई योजना ‘अग्निपथ’ के विरोध में आत्महत्या करने वाले युवक के परिवार ने अपने बेटे की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। हरियाणा के रोहतक में पेइंग गेस्ट (पीजी) के तौर पर दो साल से सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे जींद के लिजवाना कलां गांव के सचिन ने आत्महत्या से कुछ घंटे पहले अपने पिता सत्यपाल से बात की थी।

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सचिन की मौत के बाद लिजवाना में उनके निवास पर जमा हुए ग्रामीण। 

22 वर्षीय बेटे की आत्महत्या की खबर सुनकर शव लेने रोहतक पीजीआई पहुंचे सत्यपाल को इस बात का मलाल है कि बेटे से बातचीत कर वे बेटे का मन नहीं पढ़ सके। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि मंगलवार शाम सचिन के साथ उनकी बातचीत आखिरी थी और अब उनका बेटा कभी वापस नहीं आएगा।

सरकार की वेतन-पेंशन का भार कम करने की मंशा

केंद्र सरकार ने 14 जून को सेना की तीनों शाखाओं (सेना, नौसेना और वायु सेना) में बड़ी संख्या में युवाओं की भर्ती के लिए ‘अग्निपथ’ भर्ती योजना शुरू की है। इस योजना के तहत युवाओं को 4 साल तक डिफेंस में सेवा देनी होगी। माना जा रहा है कि सरकार ने वेतन और पेंशन के बजट को कम करने के लिए यह कदम उठाया है। ऐसे में इस योजना के लागू होने के साथ ही राजस्थान के साथ-साथ देशभर में इसका विरोध भी शुरू हो गया है।

कांग्रेस नेता संचिन पायलट बोले: युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़

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पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट। फोटो – पीटीआई


पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सेना के साथ खिलवाड़ कर अग्निपथ योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की है। AICC में मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा कि सरकार को सेना में खाली पड़े पदों को पहले भरना चाहिए था। दो साल तक सेना में कोई भर्ती नहीं हुई। सरकार ने कोविड के बहाने दो साल तक भर्ती नहीं की। सिर्फ सेना के अधिकारियों के ही एक लाख 20 हजार पद खाली हैं। पहले केंद्र सरकार को बैकलॉग को पूरा करना चाहिए।

पायलट ने कहा- अग्निपथ योजना के जरिए कम समय में ही रेवड़ियां बांटकर युवाओं का मन जीतने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने तीनों काले कृषि कानूनों के समय कहा था कि वे किसानों के हित में लाए, किसानों ने विरोध में आंदोलन किया। आखिरकार केंद्र को बैकफुट पर जाना पड़ा। 

अब अग्निपथ योजना शुरू होने की घोषणा के अगले ही दिन देशभर के युवा इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। मेरा सरकार से इतना कहना है कि यदि आप किसी के लिए योजना बना रहे हैं और वहीं इसका विरोध कर रहे हैं तो सरकार को इसे वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना के फायदे कम और नुकसान ज्यादा हैं।

सेना में संविदा भर्ती से कम होगी फौज में जाने की उत्सुकता

सेना में संविदा पर भर्ती से देश के नौजवानों को रोजगार का तो मिलेगा, लेकिन कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि ये उनका मनोबल कम कर देगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बीते कुछ सालों में सेना के प्रति युवाओं का रुझान कम हुआ है। ऐसे में युवाओं मे पहले की तरह युवाओं में उत्सुकता नहीं रही है। 

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बेरोजगारी के कारण सेना भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं की लंबी फौज पहले से तैयार है। फोटो नवभारत टाइम्स।

हालांकि बेरोजगारी के कारण सेना भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं की लंबी फौज पहले से तैयार है। वहीं संविदा के आधार पर भर्ती में पैसे भी कम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार की योजना अग्निपथ का मकसद ही कम पैसों में सेना में जवानों की भर्ती करना की है। ऐसे में जब नए भर्ती हुए जवान पुराने की सेवा शर्तों के साथ खुद की तुलना करेंगे, तो उनका मनोबल बढ़ने के बजाय कमजोर हो जाएगा।

2 साल से भर्ती के इंतजार में देश के युवा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 और 2019-20 में भारतीय थल सेना में क्रमश: 53,431 और 80,572 भर्तियां हुईं। 2020-21 और 2021-22 में भारतीय नौसेना में क्रमश: 2,772 और 5,547 कर्मियों की भर्तियां हुई। वायुसेना में 2020-21 और 2021-22 में क्रमश: 8,423 और 4,609 कर्मियों की भर्ती हुई, ये पहले की तुलना में न के बराबर ही है।

सेना में 1,25,364 पद रिक्त

Indian Army : बता दें कि कोरोना के कारण बीते 2 साल में सेना की भर्ती में भारी कमी देखी गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक थल, वायु और नौसेना में फिलहाल कुल 1,25,364 पद खाली पड़े हैं। माना जा रहा है कि नई स्कीम के आने से इन पदों को हरी झंडी मिलने की संभावना है।

#WATCH | Bihar: Youth demonstrate in Chhapra, burn tyres and vandalise a bus in protest against the recently announced #AgnipathRecruitmentScheme pic.twitter.com/Ik0pYK26KY

— ANI (@ANI) June 16, 2022

इधर, बिहार के जहानाबाद में अग्निपथ योजना को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। जहानाबाद में काको मोड़ के पास छात्रों ने सेना की नई भर्ती योजना का विरोध किया, ट्रेन रोकी और सड़क पर टायर जलाए। सेना की नई भर्ती योजना के विरोध में बिहार के जहानाबाद में गुरुवार सुबह छात्रों ने ट्रेनों और वाहनों को रोककर जमकर विरोध किया। छात्रों ने जहानाबाद स्टेशन पर ट्रेन रोक कर अपना गुस्सा जाहिर किया। इसके साथ ही काको मोड़ के पास टायर जलने से एनएच-83 और 110 भी जाम हो गया। छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

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