यूपी: कई जिलों में बाढ़ की स्थिति, बहराइच में नेपाल से छोड़ा गया पानीए बाढ़ में 60 गांवों को नुकसान Read it later

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उत्तरप्रदेश.   देश से के करीब नेपाल से आने वाले  लाखों क्यूसेक पानी की वजह से बहराइच के कई गांव बाढ़ के आगोश में हैं। वहीं, घाघरा रीवर में डूबने से तीन लोगों की मौत की बात सामने आई है। 
यहां के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जयचंद्र पांडे ने रविवार को कहा कि बिहार की सीमा पर नेपाल से जारी लाखों क्यूसेक पानी के कारण जिले के लगभग 60 गांवों में प्रशासन बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की पूरी कोशिश में लगा है। 

तीन की हुई मौत

शनिवार दोपहर बूंदी के तहत शुक्लापुर में घाघरा नदी के किनारे 16 वर्षीय परमेश पानी पी रहा था। इस दौरान वह पैर फिसलने के कारण गहरे पानी में चला गया। 
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता शोभित कुशवाहा की माने तो शारदा, गिरिजापुरी व सरयू डेम से नदियों में 3.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इन तीन जगह नदियों का पानी वर्तमान में खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन एल्गिन पर घाघरा रीवर खतरे के चिह्न से 108 सेमी ऊपर है।

61 गांव और 1.5 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं

पिछले 24 घंटों में जलस्तर में दो सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। बैराज के साथ ही 24 घंटे यहां 110 किलोमीटर लंबे तटबंधों की निगरानी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, जिले के कैसरगंज, महसी और मिहींपुरवा तहसील के 61 गांवों की 15 गांवों और 15,500 हेक्टेयर क्षेत्र की डेढ़ लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई। हो गया है। सात गांवों में स्थिति और खराब है।
बाढ़ और कटाव के कारण अब तक 131 कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 23 बाढ़ चौकियां और एक शरणार्थी शरण है। एक मोटर बोट, 179 नावें, बाढ़ पीएसी और एनडीआरएफ की एक प्लाटून, 48 मेडिकल टीमें राहत कार्य में लगी हुई हैं। अगर बाढ़ संकट गहराता है, तो राहत में कोई कमी नहीं होगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को चिकित्सा सुविधा, पशुओं के टीके, तिरपाल और भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के 12 डिस्ट्रिक के 293 गाँव बाढ़ की चपेट में आए 

दैनिक अमर उजाला की खबर की मानें तो प्रदेश के 12 डिस्ट्रिक्स के लगभग 293 विलेज बाढ़ के आगोश में हैं, इनमें 67 विलेज पूरी तरह से बाढ़ के कारण डूबने की कगार पर हैं।
जानकारी के अनुसार, बाराबंकी, अयोध्या, कुशीनगर, गोरखपुर, बहराइच, आज़मगढ़, बस्ती, संतकबीरनगर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर बाढ़ से प्रभावित हैं। पाली नदी में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, बर्डघाट गोरखपुर में राप्ती नदी, श्रावस्ती में राप्ती नदी और तुर्तीपार बलिया में घाघरा। साथ ही सभी तटबंधों को सुरक्षित बताया है।
वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 94 बाढ़ शरणार्थियों को तैयार किया गया है। उनमें से 15 कामकाजी हालत में हैं। लेकिन फिलहाल कोई नहीं रह रहा है। वर्तमान में बाढ़ सुरक्षा के लिए 465 नावों का उपयोग किया जा रहा है। 636 बाढ़ चौकियों का निर्माण किया गया है। वहीं 14 पशु शिविर लगाए गए हैं और 151 चिकित्सा दल काम कर रहे हैं।
साथ ही, अब तक 3.65 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है। साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत किट और पशुओं के लिए 5 किलोग्राम पशुधन के लिए धनराशि जारी की गई है।

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