अमेरिकी विदेश विभाग ने Balochistan Liberation Army (BLA PAK) को Foreign Terrorist Organization (FTO) की सूची में शामिल कर दिया है। BLA, जिसे Majeed Brigade भी कहा जाता है, पाकिस्तान के Balochistan province में सक्रिय एक उग्रवादी संगठन है, जो अलगाववादी आंदोलन चला रहा है। बलूचिस्तान की सीमा उत्तर में अफगानिस्तान और पश्चिम में ईरान से लगती है।
पहले भी आतंकी सूची में था नाम
अमेरिका ने 2019 में BLA PAK को Specially Designated Global Terrorist (SDGT) घोषित किया था। तब से यह संगठन पाकिस्तान में कई बड़े terror attacks की जिम्मेदारी ले चुका है।
कराची और ग्वादर में बड़े हमले
विदेश विभाग के मुताबिक, 2024 में BLA ने कराची एयरपोर्ट और Gwadar Port Authority Complex के पास हुए suicide attacks की जिम्मेदारी ली थी। इन हमलों ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया था।
जाफर एक्सप्रेस हाइजैक की जिम्मेदारी भी BLA ने ली थी
मार्च 2024 में Jaffar Express train, जो क्वेटा से पेशावर जा रही थी, इसे BLA PAK के आतंकियों ने हाइजैक कर लिया था। इस घटना में 300 यात्रियों को बंधक बनाया गया, जिनमें से नागरिकों और सुरक्षा बलों सहित 31 लोगों की मौत हुई।
अमेरिकी बयान में आतंकवाद के खिलाफ प्रतिबद्धता
US State Department ने कहा कि इस फैसले से अमेरिका की commitment to fight terrorism और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को खत्म करने की नीति साफ होती है। संगठनों को आतंकी सूची में डालने का उद्देश्य उनके संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय समर्थन को खत्म करना है।
कानूनी प्रावधान के तहत कार्रवाई
विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि यह फैसला Immigration and Nationality Act के सेक्शन 219 के तहत लिया गया है। यह प्रावधान संगठनों को आधिकारिक तौर पर आतंकी घोषित कर उनके खिलाफ आर्थिक और कानूनी कार्रवाई की अनुमति देता है।
BLA PAK और पाकिस्तान के लिए इसका असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, BLA PAK को FTO लिस्ट में डालने से पाकिस्तान को अमेरिका से counter-terrorism cooperation में मदद मिलेगी। इसके साथ ही BLA के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और फंडिंग पर भी असर पड़ेगा।
अमेरिका का यह कदम न केवल BLA PAK की गतिविधियों को कमजोर करेगा, बल्कि पाकिस्तान में जारी आतंकवादी हमलों पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। इससे पाकिस्तान के security scenario और US-Pakistan संबंधों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
जानें बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी संगठन कब अस्तित्व में आया
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का गठन 1970 के दशक की शुरुआत में हुआ था, जब पूर्व प्रधानमंत्री ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो के पहले शासनकाल के दौरान बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सशस्त्र बगावत छिड़ गई थी।
बाद में सैन्य शासक ज़ियाउल हक़ के सत्ता में आने के बाद बलूच क़ौमपरस्त नेताओं से बातचीत हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप बगावत समाप्त हो गई थी और बीएलए भी धीरे-धीरे पृष्ठभूमि में चली गई थी।
मुशर्रफ़ शासन में फिर सक्रिय हुई Balochistan Liberation Army
पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के शासनकाल में बलूचिस्तान हाई कोर्ट के जज जस्टिस नवाज मिरी की हत्या के आरोप में क़ौमपरस्त नेता नवाब खैर बख़्श मिरी की गिरफ़्तारी के बाद, साल 2000 से बलूचिस्तान के कई इलाकों में सरकारी प्रतिष्ठानों और security forces पर हमलों का सिलसिला शुरू हुआ।
हमलों में बढ़ोतरी और दायरे का विस्तार
वक़्त के साथ इन हमलों की संख्या बढ़ी और इनका दायरा बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों तक फैल गया। इन घटनाओं में से ज्यादातर की जिम्मेदारी Balochistan Liberation Army (BLA) ने ली।
2006 में पाकिस्तान सरकार ने BLA को चरमपंथी संगठन घोषित किया
साल 2006 में पाकिस्तान सरकार ने BLA को extremist organization की सूची में डाल दिया और नवाब खैर बख़्श मिरी के बेटे नवाबज़ादा बालाच मिरी को इसका मुखिया घोषित किया।
2007 में बालाच मिरी की मौत
नवंबर 2007 में Balach Marri की मौत की खबर सामने आई। BLA की ओर से दावा किया गया कि वह अफगानिस्तान की सीमा के पास security forces के साथ मुठभेड़ में मारे गए।
अकबर खान बुगती की हत्या से भड़का बलूचिस्तान
बलूचिस्तान के सबसे बड़े राजनीतिक नेताओं में से एक और पूर्व मुख्यमंत्री सरदार अकबर खान बुगती को 26 अगस्त 2006 को पाकिस्तानी security forces ने मार दिया। उन्हें Balochistan Liberation Army (BLA) का वरिष्ठ नेता माना जाता था। उनकी मौत के बाद नवाब खैर बख्श मिरी के बेटे नवाबजादा बालाच मिरी को BLA का प्रमुख बनाया गया, लेकिन नवंबर 2007 में पाकिस्तानी सेना ने उन्हें भी मार गिराया। उसी साल पाकिस्तान ने BLA को banned group घोषित कर दिया। इसके बाद उनके भाई हीरबयार मिरी को संगठन की कमान सौंपी गई, हालांकि ब्रिटेन में रह रहे हीरबयार ने कभी खुद को मुखिया स्वीकार नहीं किया। नतीजतन, संगठन की बागडोर असलम बलोच के हाथ में आ गई।
Balochistan Liberation Army का मकसद
BLA का मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान में विदेशी दखल, खासकर China’s influence, का विरोध करना है। संगठन का मानना है कि प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों पर पहला हक वहां के लोगों का है। BLA के अनुसार, India-Pakistan partition के दौरान बलूचिस्तान को जबरन पाकिस्तान में शामिल किया गया था, जबकि वहां के लोग खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में देखना चाहते थे। इस ऐतिहासिक विवाद के कारण बलूचिस्तान के लोगों का पाकिस्तान सरकार और सेना के साथ टकराव जारी है।
पाकिस्तानी सेना पर बड़े हमलों का आरोप
Balochistan Liberation Army ने पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों पर कई बड़े हमले किए हैं, जिनमें भारी संख्या में पाकिस्तानी सैनिक हताहत हुए हैं। संगठन का दावा है कि यह संघर्ष बलूचिस्तान की स्वतंत्रता और उसके लोगों के अधिकारों के लिए जारी है।
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