कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: भारत की मेजबानी और ओलिंपिक 2036 की उम्मीद Read it later

Commonwealth Games 2030 India: भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी आधिकारिक रूप से मिल गई है। बुधवार को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड की विशेष बैठक में अहमदाबाद को होस्ट सिटी घोषित किया गया। इस घोषणा के साथ ही भारत ने 15 साल बाद एक बार फिर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मल्टी-स्पोर्ट्स आयोजनों में से एक की मेजबानी हासिल की है।

इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 38 गोल्ड सहित कुल 101 मेडल जीतकर अपनी खेल क्षमता का लोहा मनवाया था। अब 2030 में भारत फिर उसी जोश और भव्यता के साथ दुनिया को अपनी मेजबानी दिखाने के लिए तैयार है।

Table of Contents

कॉमनवेल्थ गेम्स मेजबानी का पूरा इतिहास 

ऑस्ट्रेलिया — सबसे ज्यादा बार मेजबानी
  • कुल बार: 5

  • आयोजन वर्ष: 1938, 1962, 1982, 2006, 2018

कनाडा — चार बार मेजबानी करने वाला देश
  • कुल बार: 4

  • आयोजन वर्ष: 1930, 1954, 1978, 1994

स्कॉटलैंड — चार बार आयोजन का अनुभव
  • कुल बार: 4

  • आयोजन वर्ष: 1970, 1986, 2014, 2026

इंग्लैंड — तीन बार कॉमनवेल्थ गेम्स के मेजबान
  • कुल बार: 3

  • आयोजन वर्ष: 1934, 2002, 2022

न्यूज़ीलैंड — तीन बार मेजबानी की
  • कुल बार: 3

  • आयोजन वर्ष: 1950, 1974, 1990

वेल्स — सिर्फ एक बार मेजबानी
  • कुल बार: 1

  • आयोजन वर्ष: 1958

जमैका — एक बार मेजबानी करने वाला देश
  • कुल बार: 1

  • आयोजन वर्ष: 1966

मलेशिया — एक बार कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन
  • कुल बार: 1

  • आयोजन वर्ष: 1998

भारत — एक बार शानदार मेजबानी
  • कुल बार: 1

  • आयोजन वर्ष: 2010

20 साल बाद भारत में होगा कोई बड़ा मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट

2010 के दिल्ली CWG के बाद भारत में कोई बड़ा बहु-खेल आयोजन नहीं हुआ था। इस लिहाज से 2030 के गेम्स बेहद खास हो जाते हैं।

भारत अब तक—

  • 1951 एशियन गेम्स

  • 1982 एशियन गेम्स

  • 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स

की मेजबानी कर चुका है। 2003 में हैदराबाद ने एफ्रो-एशियन गेम्स का आयोजन भी किया था।

अहमदाबाद में 2030 CWG का आयोजन भारत के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर देगा।

कॉमनवेल्थ गेम्स: नाम बदलने की 4 ऐतिहासिक चरण
1930 — शुरुआत का नाम

इन गेम्स की शुरुआत ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के रूप में हुई।

1954–1966 — दायरा बढ़ा, नाम भी बदला

इस अवधि में प्रतियोगिता का नाम बदलकर ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स कर दिया गया।

1970 — नया स्वरूप

अगले बदलाव में यह ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स कहलाने लगे।

1978 — मौजूदा पहचान

1978 से आज तक ये बहु-खेल आयोजन कॉमनवेल्थ गेम्स नाम से ही पहचाने जाते हैं।

क्यों खास है कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी? (Commonwealth Games 2030 India)

कॉमनवेल्थ गेम्स सिर्फ खेल आयोजन नहीं होते; यह किसी भी देश की—

  • अंतरराष्ट्रीय छवि

  • आर्थिक सामर्थ्य

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर क्वालिटी

  • लॉन्ग-टर्म स्पोर्ट्स विजन

का प्रतीक माने जाते हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी आज तक सिर्फ 9 देशों को ही मिली है—
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, कनाडा, स्कॉटलैंड, न्यूजीलैंड, मलेशिया, जमैका और वेल्स।

सबसे ज्यादा 5 बार मेजबानी का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम है।

भारत अब इस प्रतिष्ठित सूची में एक बार फिर शामिल हो गया है।

ओलिंपिक 2036 की दावेदारी पर मजबूत असर

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना भारत के बड़े लक्ष्य—ओलिंपिक गेम्स 2036—के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही देश की ओर से 2036 ओलिंपिक की मेजबानी की दावेदारी की घोषणा कर चुके हैं। पिछले साल नवंबर में भारत ने औपचारिक तौर पर IOC के सामने अपनी बोली पेश भी कर दी थी।

कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे विशाल वैश्विक आयोजन को सफलतापूर्वक संभालना भारत की ओलिंपिक बोली को अत्यंत मजबूत करेगा और अंतरराष्ट्रीय विश्वास को बढ़ाएगा।

भारत ने दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज जीतकर कुल 101 मेडल हासिल किए। यह भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। नीचे खेलवार पूरी सूची देखें—

भारत का प्रदर्शन (नया टेबल फॉर्मेट)
खेलगोल्डसिल्वरब्रॉन्जकुल
शूटिंग1411530
रेसलिंग105419
एथलेटिक्स23712
वेटलिफ्टिंग2248
आर्चरी3148
बॉक्सिंग3047
टेबल टेनिस1135
बैडमिंटन2114
टेनिस1124
जिम्नास्टिक्स0112
हॉकी0101
एक्वैटिक्स (पैरा स्विमिंग)0011
कुल मेडल

🏅 गोल्ड — 38
🥈 सिल्वर — 27
🥉 ब्रॉन्ज — 36
कुल — 101

2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन

2022 में बर्मिंघम में हुए CWG में भारत के 5000 से अधिक स्पोर्ट्स प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। भारत ने कुल 61 मेडल जीते—

  • 22 गोल्ड

  • 16 सिल्वर

  • 23 ब्रॉन्ज

सबसे अधिक 30 मेडल—कुश्ती, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स—से आए थे। महिला क्रिकेट टीम ने भी सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था।

2030 में जब भारत मेजबानी करेगा, उम्मीद है कि भारत का पदक प्रदर्शन और भी शानदार होगा।

अहमदाबाद को क्यों चुना गया? 

अहमदाबाद में विश्वस्तरीय खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है।

  • सरदार पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

  • नरेंद्र मोदी स्टेडियम (दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम)

  • मल्टीपर्पज़ इंडोर स्टेडियम

  • एथलेटिक्स, स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स, शूटिंग सहित विभिन्न सुविधाएँ

यह सभी अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं।

गुजरात सरकार द्वारा विकसित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट 2030 CWG के लिए अहमदाबाद को सबसे मजबूत दावेदार बनाता है।

कॉमनवेल्थ गेम्स का दिलचस्प इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में हुई थी।
पहले इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था, क्योंकि इसमें ब्रिटिश शासन वाले राष्ट्रों के खिलाड़ी शामिल होते थे।

1954 में इसका नाम “ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स” हुआ।
1970 में “ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स” और
अक्सर 1978 से इसे कॉमनवेल्थ गेम्स कहा जाने लगा।

2030 का संस्करण खास इसलिए भी है क्योंकि यह आयोजन 100 साल पूरे होने का प्रतीक होगा।

भारत ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कुल 61 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। देश ने 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। नीचे देखें—किस खेल में भारत ने कैसा प्रदर्शन किया:

भारत का मेडल टेबल 
खेलगोल्डसिल्वरब्रॉन्जकुल
रेसलिंग61512
वेटलिफ्टिंग33410
एथलेटिक्स1438
बॉक्सिंग3137
बैडमिंटन3126
टेबल टेनिस3115
जूडो0213
लॉन बाउल्स1102
स्क्वॉश0022
हॉकी0112
पैरा टेबल टेनिस1012
पैरा पावरलिफ्टिंग1001
क्रिकेट0101
टोटल मेडल

🏅 गोल्ड – 22
🥈 सिल्वर – 16
🥉 ब्रॉन्ज – 23
कुल – 61

2030 CWG भारत को क्या लाभ देगा?

यह आयोजन भारत के लिए कई स्तरों पर फायदेमंद होगा—

1. खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
हर शहर और राज्य में प्रशिक्षण सुविधाएँ बढ़ेंगी।

2. स्पोर्ट्स इकोनॉमी मजबूत होगी
पर्यटन, होटल, ट्रांसपोर्ट, रोजगार और बिजनेस में तेजी आएगी।

3. युवाओं में खेल के प्रति आकर्षण बढ़ेगा
मेजबानी से स्पोर्ट्स कल्चर और भी विकसित होगा।

4. ओलिंपिक 2036 की संभावना मजबूत
मेजबानी की क्षमता और अंतरराष्ट्रीय भरोसा बढ़ेगा।

5. ग्लोबल इमेज में सुधार
भारत एक स्थिर, सक्षम और विकसित स्पोर्ट्स नेशन के रूप में उभरेगा।

अहमदाबाद और भारत 2030 के लिए कैसे तैयार होंगे?

2030 गेम्स की मेजबानी को सफल बनाने के लिए—

  • नए स्टेडियम

  • एथलीट विलेज

  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क

  • ग्रीन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी

  • सुरक्षा और प्रबंधन

  • वॉलंटियर सिस्टम

विश्वस्तरीय मानकों के साथ तैयार किए जाएंगे।

2030 CWG भारत के लिए सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि भविष्य के खेल नेतृत्व का रोडमैप होगा।

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