Epstein Files: सत्ता, पैसा और सेक्स स्कैंडल का सबसे बड़ा खुलासा, अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन केस के 3 लाख रिकॉर्ड किए सार्वजनिक Read it later

Jeffrey Epstein case files : अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने Jeffrey Epstein investigation के तहत शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे (भारतीय समयानुसार) बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग तीन लाख दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए। इन फाइलों के सामने आने से अमेरिका समेत पूरी दुनिया में हलचल तेज हो गई है।

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बिल क्लिंटन से लेकर प्रिंस एंड्रयू तक की तस्वीरें सामने

जारी किए गए दस्तावेजों में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Bill Clinton, पॉप स्टार माइकल जैक्सन, हॉलीवुड अभिनेता क्रिस टकर और ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य प्रिंस एंड्रयू जैसी नामचीन हस्तियों की तस्वीरें शामिल हैं। इन तस्वीरों ने एपस्टीन नेटवर्क को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

Jeffrey Epstein
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की एक तस्वीर में उन्हें स्विमिंग पूल में दो महिलाओं के साथ नहाते हुए देखा जा सकता है।
पार्टी और पूल में नजर आए क्लिंटन, तस्वीरों पर उठे सवाल

कुछ तस्वीरों में बिल क्लिंटन को लड़कियों के साथ पार्टी करते और पूल में नहाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, इन फोटोज के संदर्भ और लोकेशन को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

4 सेट के बाद जारी हुआ एक और नया सेट

पहले चरण में इन तस्वीरों और दस्तावेजों को चार अलग-अलग सेट में जारी किया गया था। इसके कुछ ही घंटों बाद एक अतिरिक्त सेट भी सार्वजनिक किया गया, जिससे कुल दस्तावेजों की संख्या और बढ़ गई।

3,500 से ज्यादा फाइलें, 2.5 GB से अधिक डेटा

कुल मिलाकर जारी किए गए रिकॉर्ड में 3,500 से अधिक फाइलें शामिल हैं। इनमें करीब 2.5 GB से ज्यादा का डेटा है, जिसमें तस्वीरें, ईमेल और अन्य अहम दस्तावेज मौजूद हैं। कई तस्वीरों में यह साफ नहीं हो पाया है कि वे किस जगह और किस मौके पर ली गई थीं।

Jeffrey Epstein case files
तस्वीर में मशहूर गायक माइकल जैक्शन बाईं ओर, बीच में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और साथ में अमेरिकी टीवी होस्ट ओप्रा विन्फ्रे नजर आ रही हैं, जबकि एक महिला की पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा ब्लर किया गया है।
Epstein case files ने बढ़ाई अंतरराष्ट्रीय हलचल

Epstein case files के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक, कारोबारी और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इन दस्तावेजों से जुड़े नए खुलासे आने वाले दिनों में और बड़े विवाद को जन्म दे सकते हैं।

Epstein Files सार्वजनिक होने से पहले क्यों मचा है वैश्विक भूचाल

अमेरिका में इस वक्त सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक तूफान जेफ्री एपस्टीन केस को लेकर खड़ा है। वजह साफ है—अगर सरकारी रिकॉर्ड पूरी तरह सार्वजनिक हुए, तो यह सिर्फ एक अपराधी की कहानी नहीं होगी, बल्कि सत्ता, पैसे और प्रभावशाली लोगों के गठजोड़ की सच्चाई भी सामने आ सकती है।

इन फाइलों को सार्वजनिक करने का मकसद केवल पारदर्शिता नहीं, बल्कि यह जानना है कि एपस्टीन अकेला था या उसके पीछे एक संगठित और ताकतवर नेटवर्क काम कर रहा था।

ट्रम्प प्रशासन क्यों मजबूर हुआ फाइलें खोलने को

पिछले महीने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों—हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट—ने एपस्टीन से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने वाला कानून भारी बहुमत से पारित किया।

Epstein Files
यह तस्वीर डोनाल्ड ट्रम्प और जेफ्री एपस्टीन की मौजूदगी दिखाती है, जबकि उनके साथ दिखाई दे रही महिला की पहचान फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।

हाउस में यह बिल 427–1 के अंतर से पास हुआ, जबकि सीनेट में इसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। जब कोई बिल इस स्तर पर पास हो जाता है, तो राष्ट्रपति के पास उसे रोकने का व्यावहारिक विकल्प नहीं बचता।

अगर राष्ट्रपति वीटो करते, तो संसद उसे दो-तिहाई बहुमत से ओवरराइड कर सकती थी। यही कारण था कि ट्रम्प को 19 नवंबर को इस बिल पर दस्तखत करने पड़े।

अब कब और क्या-क्या सार्वजनिक हुआ

कानून के अनुसार अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) को 30 दिन के भीतर सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने थे। यह समयसीमा 18 दिसंबर को पूरी हो गई है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक:

  • हजारों से लेकर लाखों पेज तक के दस्तावेज

  • ईमेल, फोटो, फ्लाइट लॉग

  • गवाहों के बयान

  • वित्तीय रिकॉर्ड

न्याय विभाग पहले ही स्वीकार कर चुका है कि उसके पास एपस्टीन से जुड़ा “बहुत बड़ा आर्काइव” मौजूद है।

Jeffrey Epstein
प्राइवेट जेट में जेफ्री एपस्टीन अपनी प्रेमिका घिसलीन मैक्सवेल के साथ नजर आ रहा हैं, जहां मैक्सवेल उसके पैर दबाती हुई दिखाई दे रही है।
पहले ही सामने आ चुकी हैं 19 विवादित तस्वीरें

12 दिसंबर को एपस्टीन की संपत्ति से जुड़ी 19 तस्वीरें सार्वजनिक की गई थीं। इन तस्वीरों ने आग में घी डालने का काम किया।

इनमें जिन चर्चित हस्तियों की मौजूदगी और तस्‍वीरें सामने आई:

  • डोनाल्ड ट्रम्प

  • बिल क्लिंटन

  • बिल गेट्स

  • प्रिंस एंड्रयू

  • स्टीव बैनन

  • लैरी समर्स

  • वुडी एलन

  • रिचर्ड ब्रैनसन

  • एलन डर्शोविट्ज

भारतीय नामों को लेकर क्यों बढ़ी बेचैनी

अब तक किसी भारतीय नेता या उद्योगपति का नाम आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है।
हालांकि भारतीय नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि एपस्टीन नेटवर्क में कुछ भारतीय मंत्री, पूर्व मंत्री और मौजूदा सांसदों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन चूंकि एपस्टीन के संबंध अमेरिका से बाहर के देशों तक फैले थे, इसलिए भारत सहित कई देशों की नजर इन फाइलों पर है।

 यौन पीड़ितों ने जताई नाराजगी, रिलीज को बताया अन्यायपूर्ण

एपस्टीन मामले से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने पर यौन उत्पीड़न की पीड़िताओं ने नाराजगी जताई है। पीड़ितों का कहना है कि यह release उनके साथ न्याय नहीं करती और इसमें पारदर्शिता की भारी कमी है।

1996 की शिकायत, लेकिन FBI ने समय पर जांच नहीं की

रिलीज हुई फाइलों के एक दस्तावेज से सामने आया है कि एपस्टीन की शुरुआती पीड़िताओं में शामिल मारिया फार्मर ने वर्ष 1996 में उनके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद FBI investigation समय पर आगे नहीं बढ़ाई गई।

मारिया फार्मर बोलीं- सच सामने आया, लेकिन चुप्पी ने तोड़ा

मारिया फार्मर ने कहा कि उनकी शिकायत सार्वजनिक होने से उन्हें कुछ हद तक राहत मिली है, लेकिन उस समय एफबीआई की चुप्पी और निष्क्रियता ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया।

एनी फार्मर ने उठाए transparency पर सवाल

मारिया की बहन एनी फार्मर ने कहा कि फाइल रिलीज में स्पष्टता और transparency का अभाव है। उन्होंने इसे निराशाजनक बताते हुए कहा कि कई अहम बातें अब भी छुपी हुई हैं।

मरीना लार्सेडा का आरोप- हमें धोखा दिया गया

एक अन्य पीड़िता मरीना लार्सेडा ने कहा कि जारी की गई तस्वीरें ज्यादातर बेकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन लोगों के नाम उजागर नहीं कर रही, जिन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है।

14 साल की उम्र में बनी थीं शिकार

मरीना लार्सेडा ने बताया कि वे मात्र 14 वर्ष की उम्र में एपस्टीन की शिकार बनी थीं और 2019 की जांच में बतौर गवाह शामिल हुई थीं। उनका कहना है कि यह रिलीज साजिशकर्ताओं को बचाने जैसा प्रतीत होती है।

पीड़ितों का आरोप- यह रिलीज हमारे साथ अन्याय

सभी पीड़ितों का साझा कहना है कि इस तरह की फाइल रिलीज उनके साथ अन्याय है। उनका आरोप है कि पूरी सच्चाई सामने लाने के बजाय जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की गई है।

Epstein Case की शुरुआत कैसे हुई

इस केस की शुरुआत साल 2005 में फ्लोरिडा से हुई। एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी को एपस्टीन के घर “मसाज” के बहाने बुलाया गया और वहां उस पर यौन दबाव डाला गया।

जांच में सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं था। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने इसी तरह के आरोप लगाए।

आलीशान जिंदगी और हाई-प्रोफाइल पार्टियां

जांच में यह भी सामने आया कि एपस्टीन के पास:

  • मैनहट्टन में शानदार विला

  • पाम बीच में आलीशान हवेली

  • निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’

वह इन जगहों पर हाई-प्रोफाइल पार्टियां आयोजित करता था, जहां राजनेता, उद्योगपति और प्रभावशाली लोग शामिल होते थे।

Jeffrey Epstein case files

पीड़ितों की रिकॉर्डिंग के लिए कमरों में लगाए गए थे कैमरे

आज जारी की गई तस्वीरों में जेफ्री एपस्टीन के विला की तस्वीरें भी शामिल हैं। इन फोटो में कमरों के भीतर लगे कैमरे साफ दिखाई दे रहे हैं, जिनका इस्तेमाल पीड़ितों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता था।

मसाज रूम में भी थे छुपे हुए कैमरे

तस्वीरों से यह भी सामने आया है कि विला के मसाज रूम में गुप्त कैमरे लगाए गए थे। इन छिपे कैमरों के जरिए पीड़ितों को चोरी-छिपे रिकॉर्ड किया जाता था, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और भी स्पष्ट होती है।

 गिस्लीन मैक्सवेल की भूमिका

एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और बिजनेस पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल पर आरोप है कि वह नाबालिग लड़कियों को फंसाने और नियंत्रित करने में उसकी मदद करती थी।

लड़कियों को पैसों, गहनों और धमकियों के जरिए मजबूर किया जाता था।

2008 में कैसे बच गया एपस्टीन

इतने गंभीर आरोपों के बावजूद एपस्टीन को 2008 में सिर्फ 13 महीने की सजा मिली।
वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था।

इस फैसले ने अमेरिकी न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

 मी-टू मूवमेंट ने फिर खोला मामला

2017 में #MeToo मूवमेंट के दौरान जब हार्वे वाइंस्टीन का मामला सामने आया, तब एपस्टीन का नाम भी फिर उभरा

वर्जीनिया गिफ्रे सहित करीब 80 महिलाओं ने एपस्टीन के खिलाफ आरोप लगाए। इसके बाद केस दोबारा सक्रिय हुआ।

अब पूरी दुनिया क्यों देख रही है अमेरिका की तरफ

अगर सारी फाइलें बिना काट-छांट सार्वजनिक होती हैं, तो:

  • राजनीतिक भूचाल

  • कारोबारी साम्राज्यों की साख पर सवाल

  • वैश्विक स्तर पर सत्ता और नैतिकता की बहस

यह सब एक साथ सामने आ सकता है।

इतने बड़े सेक्स स्कैंडल का खुलासा कैसे हुआ?

जवाब: एपस्टीन सेक्स स्कैंडल के खुलासे की टाइमलाइन करीब 20 साल पुरानी है। यह मामला अचानक सामने नहीं आया, बल्कि धीरे-धीरे कई शिकायतों, जांचों और गवाहियों के बाद उजागर हुआ।

इस स्कैंडल की शुरुआत कब और कैसे हुई?

जवाब: इसकी शुरुआत वर्ष 2005 में हुई। फ्लोरिडा में 14 साल की एक लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को जेफ्री एपस्टीन के आलीशान घर में मसाज के बहाने बुलाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर उस पर सेक्स करने का दबाव डाला गया।

एपस्टीन के खिलाफ पहली कानूनी कार्रवाई क्या थी?

जवाब: इस शिकायत के आधार पर एपस्टीन के खिलाफ पहली बार एक क्रिमिनल केस दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस ने औपचारिक जांच शुरू की और मामले की परतें धीरे-धीरे खुलने लगीं।

जांच के दौरान कितनी पीड़िताएं सामने आईं?

जवाब: पुलिस जांच आगे बढ़ी तो करीब 50 लड़कियां सामने आईं। सभी ने लगभग एक जैसे आरोप लगाए कि उन्हें मसाज, पैसे या बेहतर भविष्य का लालच देकर यौन शोषण के लिए मजबूर किया गया।

एपस्टीन कौन था और अपने प्राइवेट आइलैंड में क्या करवाता था?

जवाब: जेफ्री एपस्टीन पेशे से फाइनेंसर, डोनर और बिजनेसमैन था, लेकिन उस पर नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका यौन शोषण और तस्करी करने यानी sex trafficking के गंभीर आरोप लगे। उसकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में हुई, जिसने अपनी ताकत, पैसा और रसूख का इस्तेमाल कमजोर लड़कियों के शोषण के लिए किया।

एपस्टीन का प्राइवेट आइलैंड क्या था?

जवाब: एपस्टीन के पास यूएस वर्जिन आइलैंड के पास ‘लिटिल सेंट जेम्स’ नाम का एक प्राइवेट आइलैंड था, जिसे आमतौर पर एपस्टीन आइलैंड कहा जाता था। यहां सिर्फ प्राइवेट जेट, हेलिकॉप्टर या बोट से ही पहुंचा जा सकता था। यह आइलैंड बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटा हुआ था।

एपस्टीन आइलैंड पर क्या होता था?

जवाब: इसी आइलैंड पर एपस्टीन भव्य पार्टियां करता था, जिनमें दुनियाभर के रईस, ताकतवर लोग और इंटेलेक्चुअल्स शामिल होते थे। ये पार्टियां सिर्फ खाने-पीने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इनके पीछे कई आपराधिक गतिविधियों के आरोप भी लगे।

नशे और अय्याशी का अड्डा क्यों कहा जाता है एपस्टीन आइलैंड?

जवाब: पीड़ितों और गवाहों के मुताबिक एपस्टीन आइलैंड पर होने वाली पार्टियों में भारी मात्रा में शराब परोसी जाती थी। कुछ मामलों में ड्रग्स के सबूत भी मिले। एपस्टीन का दावा था कि वह खुद ड्रग्स नहीं लेता था, लेकिन उसके गेस्ट्स इसका सेवन करते थे।
पीड़ित लड़कियों को एंटी-एजिंग ड्रग्स दिए जाने की भी बात सामने आई। कई पीड़ितों ने गवाही दी कि उन्हें एपस्टीन और उसके मेहमानों द्वारा group sex के लिए मजबूर किया जाता था, जिसमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं।

नाबालिग लड़कियों के साथ क्या होता था?

जवाब: पीड़ितों के बयानों के अनुसार, नाबालिग लड़कियों को मसाज के बहाने बुलाया जाता था। पूल, हॉट टब, गेस्ट हाउस और प्राइवेट कमरों में उनसे जबरन यौन संबंध बनाए जाते थे। एक आइलैंड कर्मचारी के मुताबिक, कई-कई दिन तक पार्टियां चलती थीं और इस दौरान लगातार शोषण होता था।

क्या एपस्टीन आइलैंड का इस्तेमाल सिर्फ सेक्स स्कैंडल के लिए होता था?

जवाब: नहीं। एपस्टीन अपने आइलैंड को नेटवर्किंग और सीक्रेट मीटिंग्स के लिए भी इस्तेमाल करता था। यहां ऐसे लोगों की बैठकें होती थीं, जो सार्वजनिक रूप से कभी एक-दूसरे से नहीं मिल सकते थे। फंड जुटाने के लिए डिनर, सोशल गेदरिंग और डिस्कशन आयोजित किए जाते थे।

एपस्टीन खुद को किस रूप में पेश करता था?

जवाब: एपस्टीन खुद को एक “कनेक्टर” के तौर पर पेश करता था। वह दावा करता था कि वह अमीर और ताकतवर लोगों को आपस में जोड़ सकता है। उसके कैलेंडर में ऐसी कई मीटिंग्स दर्ज होती थीं। अरबपति बिल गेट्स ने भी स्वीकार किया कि वे एपस्टीन से मिले थे, ताकि दुनियाभर के रईसों से संपर्क बना सकें, हालांकि बाद में उन्होंने इसे अपनी गलती बताया।

जेफ्री एपस्टीन के साथ आखिर क्या हुआ?

जवाब: जुलाई 2019 में न्यूयॉर्क पुलिस ने एपस्टीन को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद, 10 अगस्त 2019 को वह जेल में मृत पाया गया। सरकारी रिपोर्ट में दावा किया गया कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

एपस्टीन की मौत पर सवाल क्यों उठे?

जवाब: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि एपस्टीन की गर्दन की कई हड्डियां टूटी हुई थीं। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. माइकल बाडेन ने दावा किया कि ऐसी चोटें आमतौर पर आत्महत्या में नहीं होतीं, बल्कि यह गला घोंटने जैसा मामला लगता है। इसी वजह से Epstein death mystery पर सवाल उठते रहे।

जेल की सिक्योरिटी में क्या खामियां थीं?

जवाब: रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस रात एपस्टीन की मौत हुई, उस रात जेल की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां थीं। उसके सेल के बाहर लगे दो कैमरे कई बार खराब हुए। एक बार लगभग तीन मिनट तक कैमरे बंद रहे और जब दोबारा चालू हुए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जारी किए गए CCTV footage में भी करीब एक मिनट का जंप पाया गया।

एपस्टीन की मौत पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्या रही?

जवाब: अमेरिकी टीवी होस्ट जो स्कारबोरो ने ट्वीट कर कहा था कि एक ऐसा व्यक्ति, जिसके पास अमीर और ताकतवर लोगों की जिंदगी तबाह करने वाली जानकारियां थीं, जेल में मृत पाया गया। उन्होंने इसे “रूसी तरीका” करार दिया, जिससे साजिश के संदेह और गहरे हो गए।

एपस्टीन फाइल्स में नाम आने से क्या कोई अपराधी माना जाएगा?

जवाब: नहीं। एपस्टीन फाइल्स में किसी का नाम आ जाना अपने-आप में अपराध साबित नहीं करता। अमेरिकी अदालतों ने साफ कहा है कि सिर्फ नाम होने से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अपराध साबित करने के लिए गवाही, पैसे के लेन-देन और अन्य ठोस सबूत जरूरी होंगे।

किन-किन बड़े नामों का जिक्र एपस्टीन फाइल्स में है?

जवाब: एपस्टीन फाइल्स में बिल क्लिंटन, डोनाल्ड ट्रम्प, स्टीफन हॉकिंग्स, बिल गेट्स, इलॉन मस्क जैसे कई नाम सामने आए हैं। हालांकि इनमें से किसी को भी अब तक कानूनी सजा नहीं हुई। कुछ मामलों में नैतिक दबाव के चलते लोगों को अपने पद छोड़ने पड़े।

क्या किसी भारतीय शख्सियत का नाम भी सामने आया है?

जवाब: नहीं। 19 दिसंबर को DOJ की ओर से जारी शुरुआती जांच में साफ किया गया कि एपस्टीन सेक्स स्कैंडल का भारत से कोई सीधा संबंध नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों और लॉ एक्सपर्ट्स के बयानों के मुताबिक इस मामले में भारत की कोई भूमिका नहीं पाई गई।

एपस्टीन का भारत से जुड़ाव किस रूप में बताया गया?

जवाब: फाइल्स में यह जरूर सामने आया कि एपस्टीन भारत-इजराइल संबंधों में दिलचस्पी दिखाता था। वह ऐसी बातें करके अपना प्रभाव और रुतबा बढ़ाने की कोशिश करता था, लेकिन इसका कोई आपराधिक लिंक भारत से नहीं जुड़ा।

एपस्टीन फाइल्स आगे क्यों अहम हैं?

जवाब: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 19 नवंबर 2025 को Epstein Files Transparency Act पर साइन किए। इस कानून के तहत 30 दिन के भीतर एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक करना अनिवार्य था। इसी प्रक्रिया के तहत 19 दिसंबर को करीब 3 लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए गए।

DOJ को आगे क्या करना होगा?

जवाब: इस एक्ट के मुताबिक, DOJ को डॉक्यूमेंट जारी होने के 15 दिन के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि कौन-कौन से रिकॉर्ड सार्वजनिक किए गए और कौन से रोके गए। साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि किन डॉक्यूमेंट्स, फोटो या फाइल्स को जारी करने से पहले एडिट किया गया और उसके पीछे क्या कानूनी वजह थी। यह रिपोर्ट 3 जनवरी 2026 तक तैयार करनी होगी।

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