Syria Blast में 8 लोगों की मौत की हुई पुष्टि, 20 से ज्यादा लोग घायल Read it later

Syria Blast में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के समय हुए एक भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस विस्फोट में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना उस वक्त हुई जब मस्जिद में और उसके आसपास बड़ी संख्या में लोग नमाज़ अदा करने के लिए एकत्र थे।

सूत्रों के अनुसार, कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ लोगों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

सीरियाई स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर मृतकों और घायलों की पुष्टि की

मंत्रालय ने बताया कि सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल के आसपास न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट किस तरह से किया गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह एक सुनियोजित हमला हो सकता है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है।

syria blast, 8 killed
image: social media
आम नागरिकों की सुरक्षा दाव पर

सीरिया में लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने से लोगों में डर और असुरक्षा की भावना और बढ़ गई है।कई स्थानीय निवासियों ने कहा कि जुमे की नमाज़ के दौरान हमला होना बेहद दुखद और डरावना है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

syria blast, 8 killed
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निंदनीय घटना

स्थानीय प्रशासन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि निर्दोष लोगों पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अन्य मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना की निंदा की गई है। कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उनका कहना है कि नागरिकों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है।

 

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