रेलवे का बड़ा कदम! हाई-स्पीड Hyperloop से यात्रा होगी और आसान! Read it later

Mumbai Pune Hyperloop Project: भारत की पहली हाइपरलूप परियोजना Mumbai Pune Hyperloop प्रस्तावित है, जिससे 150 किलोमीटर की दूरी मात्र 25 मिनट में पूरी की जा सकेगी। वर्तमान में यह यात्रा 3-4 घंटे में होती है। IIT Madras और Indian Railways इस Hyperloop Technology पर रिसर्च कर रहे हैं।

🚀 Hyperloop एक High-Speed Transport प्रणाली है, जो Vacuum Tube में चलने वाले Magnetic Pods के जरिए यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाता है।

👉 रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि IIT Madras Hyperloop Project को तीसरा अनुदान दिया जाएगा। इससे पहले दो बार $1 मिलियन का ग्रांट दिया जा चुका है।

🔹 हाइपरलूप के मुख्य फीचर्स:

स्पीड: 1000 किमी/घंटा तक
सफर का समय: मुंबई-पुणे सिर्फ 25 मिनट में!
पर्यावरण अनुकूल: Zero Carbon Emission
ऊर्जा कुशल: Traditional Transport से 50% कम ऊर्जा खपत
यात्री क्षमता: एक पॉड में 24-28 यात्री सफर कर सकते हैं

🔹 अन्य प्रमुख हाइपरलूप प्रोजेक्ट्स:

📌 Bengaluru-Chennai Hyperloop:
➡ रेलवे मंत्रालय और IIT Madras इस मार्ग पर Hyperloop System लागू करने की योजना बना रहे हैं, जिससे यह दूरी 30-40 मिनट में तय होगी।

📌 यूरोप में Hyperloop:
Spanish Company Zeleros यूरोपीय शहरों को 1000 किमी/घंटा की स्पीड से जोड़ने की योजना बना रही है।

📌 चीन की मैग्लेव ट्रेन:
China Aerospace Science & Industry Corporation Maglev Hyperloop विकसित कर रही है, जिसकी अधिकतम स्पीड 1000 किमी/घंटा तक होगी।

🚄 हाइपरलूप क्या है और भारत में क्यों है महत्वपूर्ण?

🔹 हाइपरलूप ट्रैक आखिर होता क्या है?

Hyperloop एक अत्याधुनिक परिवहन प्रणाली है, जिसमें विशेष कैप्सूल (Pods) को Vacuum Tubes में Magnetic Levitation तकनीक के जरिए अत्यधिक तेज गति से चलाया जाता है। इसका उद्देश्य यात्रा समय को न्यूनतम करना और परिवहन को अधिक Environment-Friendly बनाना है। Virgin Hyperloop का पहला सफल परीक्षण 9 नवंबर 2020 को Las Vegas, USA में 500 मीटर ट्रैक पर हुआ था, जहां Speed 161 km/h दर्ज की गई।

🔹 भारत में कौन कर रहा है इस तकनीक को विकसित?

भारत में IIT Madras, Indian Railways, और TuTr Hyperloop Startup मिलकर Hyperloop Testing Track विकसित कर रहे हैं। यह ट्रैक IIT Madras Discovery Campus में स्थित है। शुरुआती परीक्षणों में इसकी गति 100 km/h थी, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 600 km/h तक ले जाया जाएगा। इसके अलावा, Mumbai-Pune Hyperloop Project भारत में पहली Commercial Hyperloop Corridor के रूप में प्रस्तावित है।

🔹 भारत के लिए क्यों है Hyperloop इतना अहम?
  • Super-Fast Travel: वर्तमान में 3-4 घंटे का Mumbai-Pune सफर 25 मिनट में पूरा होगा।
  • Environment-Friendly: यह प्रणाली Zero Emission Transport प्रदान करती है।
  • Cost-Effective: पारंपरिक High-Speed Rail की तुलना में कम ऊर्जा खपत होगी।
  • Economic Growth: इससे New Job Opportunities और Infrastructure Development को बढ़ावा मिलेगा।
🔹 यूरोप में Hyperloop तकनीक का तेजी से विकास

Hyperloop को Future of Transportation माना जा रहा है, और यूरोप में इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। Longest Hyperloop Test Track in Europe पहले ही चालू हो चुका है। यूरोपीय सरकारों का लक्ष्य 2050 तक 10,000 km Hyperloop Network विकसित करना है, जिससे City-to-City Travel के समय में भारी कमी आएगी।

🔹 Hyperloop का आइडिया सबसे पहले किसने दिया?

Hyperloop का आइडिया सबसे पहले Elon Musk ने 2013 में पेश किया था। उनके अनुसार, धरती पर एक ऐसी परिवहन प्रणाली होनी चाहिए, जो Flights से भी तेज हो। उन्होंने इस प्रणाली को San Francisco-Los Angeles Corridor पर लागू करने का प्रस्ताव रखा था।

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