सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर किन कर्मों से बचें‚ जानिए: पितरों की तृप्ति के लिए पितृ पक्ष की अंतिम तिथि 25 सितंबर को जरूर करें धूप-ध्यान

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Sarva Pitra Moksha Amawasya: पितृ पक्ष 25 को अमावस्या पर समाप्त होने  जा रहे हैं। सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या 25 सितंबर रविवार को मनाइ जाएगी। यदि आप पितृ पक्ष के दिनों में परिवार के पूर्वजों के लिए धूप-ध्यान नहीं कर पाएं हैं तो रविवार के दिन आप पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध कर्म करना सकते हैं‚ इसे करना न भूलें।

वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम मिश्र के अनुसार ‘पितृ पक्ष में किया गया धूप-ध्यान पितरों को संतुष्ट करता है और इससे परिवार में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। ऐसे में जिन परिवार के लोगों ने इस वर्ष के पितृ पक्ष में समय के अभाव में या किसी भी अन्य वजह से पितरों का धूप-ध्यान नहीं किया है तो ऐसे लोगों को ये कर्म रविवार के दिन अवश्य करना चाहिए।

अमावस्या पर पितरों की तृप्ती के लिए आप क्या-क्या कर्म कर सकते हैंॽ

  • यदि आपके पास समय है तो अपने समीप किसी पवित्र नदी के तट पर किसी ब्राह्मण के सहयोग से पिंडदान कर्म करें। पिंडदान के लिए उज्जैन, नासिक, हरिद्वार, गया, ब्रह्मकपाल प्रसिद्ध स्थान हैं। यही कारण है कि पितृ पक्ष में इन पवित्र नगरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण पहुंचते हैं।
  • स्नान के बाद तर्पण करें। तर्पण करने का अर्थ है पूर्वजों को जल अर्पित करने से है। जल में काले तिल, फूल, दूध और कुश मिलाकर पितरों को अर्पित करें। कुश का तर्पण करने से पितरों की शीघ्र ही तृप्ति हो जाती है।
  • दोपहर के समय गाय के गोबर से बने कांडा जलाएं और जलती हुई डंडियों पर गुड़-घी, खीर-पुड़ी चढ़ाएं। इसके बाद गाय और कुत्ते के लिए खाना घर के बाहर जरूर से रखें। कौवे के लिए भोजन घर की छत पर रखें। 
  • चीटियों के लिए गुड़ का शक्कर लेकर जमीन पर कहीं भी कच्चे स्थान पर परोसें। आटे की गोलियां बनाकर मछलियाें को खिलााएं। 
  • इस दिन पितरों का ध्यान करते हुए श्रीमद्भागवत गीता, गरुड़ पुराण का पाठ करें। आप कथा के लिए ब्राह्मण का सहयोग भी ले सकते हैं।
  • अमावस्या के दिन पीपल को जल चढ़ाने की विधान है। जल चढ़ाने के बाद पीपल के पेड़ की परिक्रमा जरूर करें।

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अमावस्या के दिन किन चीजों से बचें‚ ये भी जान लेवें

  • अमावस्या के दिन खाना बनाते समय लहसुन-प्याज के इस्तेमाल से बचें‚ पितरों और ब्राह्मणों के लिए संतुलित आहार ही तैयार करें।
  • घर में क्लेश न करें। सभी परिवार के सदस्य प्यार और मेल मिलाप से रहे। यदि घर में अशांति होगी तो पितरों के लिए किया गया धूप-ध्यान निष्फल हो जाता है। ऐसी मान्यता है।
  • घर में गंदगी न बिल्कुल न करें। अमावस्या के दिन ही सुबह-सुबह घर में अच्छी तरह से सफाई कर लेवें। ।
  • नशे करने व क्रोध से बचें। किसी को नुकसान न पहुंचाएं। इस तरह के सभी अधर्मी कार्यों से बचें।

Sarva Pitra Moksha Amawasya | 

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