हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री और Bushahr royal family के वारिस Vikramaditya Singh 22 सितंबर 2025 को फिर से विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह हाई-प्रोफाइल Chandigarh wedding परिवार और समर्थकों के लिए नई शुरुआत का प्रतीक है। इस विवाह की सबसे खास बात यह है कि समारोह सरल, पारिवारिक और समयबद्ध रूप से आयोजित होगा—सुबह 10 बजे से मुख्य wedding rituals, और दोपहर 1 बजे lunch कार्यक्रम।
क्यों है यह शादी चर्चा में?
wedding card सामने आते ही सोशल मीडिया पर बधाइयों की लाइन लग गई। कारण साफ है—Bushahr royal family की विरासत, ministerial profile की दृश्यता और Harvard-educated दुल्हन का शैक्षणिक कद। यह संगम जन-रुचि को स्वाभाविक रूप से बढ़ाया है और Chandigarh wedding को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला रहा है।
शादी का कार्ड जारी
![]()
विवाह का कार्ड बाकायदा जारी हो चुका है, जिसमें स्थल House No. 38, Sector-2, Chandigarh का उल्लेख है। कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 बजे वैदिक ceremonies शुरू होंगी और इसके बाद 1 बजे wedding lunch होगा।
परिवार का ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि मेहमानों को गरिमामय और व्यवस्थित अनुभव मिले—यह अंदाज royal wedding की गरिमा और आधुनिक सादगी, दोनों को साथ लाता है।
कौन हैं दुल्हन डॉ. अमरीन कौर? शैक्षणिक और प्रोफेशनल प्रोफाइल
दुल्हन Dr. Amreen Kaur चंडीगढ़ की प्रतिष्ठित Panjab University में Assistant Professor (Psychology) हैं। उन्होंने Psychology में PhD, साथ ही English और Psychology में Master’s किया है, तथा Harvard University में भी अध्ययन किया है।
ऐस हुई विक्रमादित्य की अमरीन से दोस्ती
राजनीति में आने से पहले विक्रमादित्य सिंह का अक्सर चंडीगढ़ आना-जाना होता था। इसी दौरान उनकी मुलाकात चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रही Dr. Amreen Kaur से हुई। यह दोस्ती करीब 8-9 साल पुरानी बताई जाती है। सुदर्शना के साथ घरेलू विवाद और कोर्ट केस के दौरान दोनों का रिश्ता और मजबूत हुआ। तलाक के बाद, अब दोनों ने अपनी शादी की तारीख पक्की कर दी है।
देखें दुल्हन अमरीन कौर की फोटोज
![]()
मरीन के पिता Sardar Jatinder Singh Sekhon हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं और माता Opinder Kaur सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। उनका यह शैक्षणिक और सामाजिक बैकग्राउंड इस विवाह को एक मजबूत वैचारिक आधार देता है।
परिवारिक परिचय—सेखों परिवार का सामाजिक योगदान
सेखों परिवार चंडीगढ़ की प्रतिष्ठित परिवारों में गिना जाता है। विधिक क्षेत्र में पिता का अनुभव और मां की सामाजिक सेवा की पृष्ठभूमि social stature और community connect को रेखांकित करती है।

ऐसे संस्कारों के साथ अमरीन का academic excellence इस विवाह को ज्ञान, सेवा और अनुशासन की त्रयी से जोड़ता है—जो Vikramaditya Singh की सार्वजनिक भूमिका के साथ एक संतुलित संगति बनाता है।
Vikramaditya Singh की पहली शादी: टाइमलाइन और कानूनी विवाद
इससे पहले Vikramaditya Singh ने 8 मार्च 2019 को जयपुर में Sudarshana Chundawat (राजसमंद की आमेट रियासत) से शाही अंदाज में विवाह किया था। लगभग डेढ़–दो साल तक साथ रहने के बाद मतभेद बढ़े और 2021 में गंभीर आरोप-प्रत्यारोप हुए।

अक्टूबर 2022 में Udaipur court में Domestic Violence Act के तहत वाद दायर हुआ। अदालत ने लगभग दो वर्ष पहले अंतरिम आदेश से ₹4 लाख monthly maintenance का निर्देश दिया था।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद दो महीने पहले divorce decree हो गया, जिससे मामला कानूनन समाप्त हुआ।
आरोप-प्रत्यारोप पर संतुलित नज़र
पूर्व पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों में पति और परिवार के सदस्यों—Pratibha Singh, Aprajita, Angad Singh—का भी उल्लेख था।
सास, ननद और ननदोई पर लगाए गए आरोप
सुदर्शना ने आरोप लगाया था कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद पति Vikramaditya Singh ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सास प्रतिभा सिंह, ननद अपराजिता और ननदोई अंगद सिंह भी इस मामले में विक्रमादित्य का साथ दे रहे थे। इसके बाद विक्रमादित्य ने अदालत में इन आरोपों को खारिज करने के लिए याचिका दायर की थी।
फैमिली कोर्ट का अंतरिम आदेश
राजस्थान के Udaipur Family Court ने दो साल पहले एक अंतरिम आदेश जारी किया था। आदेश के तहत, Vikramaditya Singh को पत्नी सुदर्शना को हर महीने ₹4 लाख बतौर maintenance देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, केस कई साल तक चलता रहा और अंततः हाल ही में दोनों का divorce हो गया।
हालांकि, ये सब न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रहे और अंततः court-directed settlement और divorce के साथ विक्रमादित्य की पहली शादी का कानूनी अध्याय अब समाप्त हो चुका है।
अब फोकस पूरी तरह new beginnings पर है। पुनः उल्लेखनीय है कि ऐसे मामलों में आरोपों को न्यायालयीय रिकॉर्ड से परे न मानते हुए संतुलित दृष्टि आवश्यक है।
विक्रमादित्य सिंह की प्रोफाइल (Vikramaditya Singh Profile)
विक्रमादित्य सिंह : जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि
![]()
vikramaditya singh का जन्म 17 अक्टूबर 1989 को बुशहर रियासत के शाही राजपूत परिवार में हुआ।
पिता: स्वर्गीय वीरभद्र सिंह, जो 6 बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
माता: प्रतिभा सिंह, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व सांसद।
बहन: अमिलाभा, केरल हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश।
शिक्षा
स्कूली शिक्षा: बिशप कॉटन स्कूल, शिमला।
स्नातक: हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय।
स्नातकोत्तर: सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली (इतिहास में एमए)।
राजनीतिक करियर
2013: हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष बने।
2017: पहली बार शिमला ग्रामीण से विधायक चुने गए।
2022: दूसरी बार विधायक बने और कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में उभरे।
2025: मंडी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना किया।
वर्तमान में हिमाचल प्रदेश सरकार में PWD मंत्री हैं।
शाही विरासत
10 जुलाई 2021 को पिता वीरभद्र सिंह के निधन के बाद, विक्रमादित्य सिंह को बुशहर रियासत का राजा घोषित किया गया।
मंडी लोकसभा चुनाव में विक्रमादित्य सिंह की हार
कांग्रेस ने पिछले वर्ष मंत्री Vikramaditya Singh को मंडी लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में उनका सामना बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी प्रत्याशी Kangana Ranaut से हुआ।
कंगना रनोट ने बड़े अंतर से दर्ज की जीत
इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में Kangana Ranaut ने विक्रमादित्य सिंह को 74,755 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। कंगना को कुल 5,37,022 वोट मिले, जबकि विक्रमादित्य सिंह को 4,62,267 मत प्राप्त हुए।
देशभर में चर्चा में रहा मंडी का चुनाव
मंडी लोकसभा सीट पर हुआ यह चुनाव पूरे देश में चर्चा का विषय बना। एक ओर राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले Vikramaditya Singh, तो दूसरी ओर फिल्मी दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाली Kangana Ranaut। यही वजह रही कि मंडी सीट का यह चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा।
ये भी पढ़ें –
AIR INDIA का ‘महाराज’ पाक बिजनेसमैन से इंस्पायर: न्यूडिटी का लगा था आरोप, पेरिस की फोटो से मचा था संसद में बवाल, देखिए कैसा रहा एयर इंडिया का 75 साल का सफर
Google News |Telegram | Facebook | Instagram | Twitter | Pinterest | Linkedin
