WHO on vaccines and autism: 50 साल में 154 मिलियन जिंदगियां बचीं, तो फिर ट्रंप क्यों फैला रहे डर? Read it later

WHO on vaccines and autism : डब्‍ल्‍यूएचओ का वैक्‍सीन और ऑटिज्‍म को लेकर मंगलवार को बड़ा बयान आया। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया था कि Tylenol और वैक्सीन से बच्चों में ऑटिज़्म का खतरा बढ़ती है। इसके बाद World Health Organisation (WHO) ने साफ किया कि न तो पैरासिटामॉल (Tylenol) और न ही कोई भी childhood vaccines ऑटिज़्म का कारण बनते हैं। WHO ने चेतावनी दी है कि टीकाकरण में देरी या बदलाव गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।

WHO ने ट्रंप के दावे पर क्या कहा?  (WHO on vaccines and autism)

जवाब: WHO प्रवक्ता तारिक जसारेविक ने कहा, टीके से ऑटिज़्म नहीं होता है। उन्होंने बताया कि WHO की गाइडेंस में तैयार टीकाकरण शेड्यूल से बीते 50 सालों में कम से कम 154 मिलियन जिंदगियां बची हैं। यह शेड्यूल समय-समय पर विज्ञान के अनुसार बदला जाता रहा है और अब यह बच्चों, किशोरों और वयस्कों को 30 संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा देता है।

ट्रंप ने Tylenol और ऑटिज़्म को लेकर क्या कहा था?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि गर्भवती महिलाओं को Tylenol से बचना चाहिए क्योंकि इससे autism risk हो सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बच्चों को दी जाने वाली वैक्सीन में बदलाव किए जाएं। इसके अलावा, उन्होंने MMR vaccine (measles, mumps, rubella) और वैक्सीन में इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम पर भी सवाल उठाए।

WHO ने Tylenol (Paracetamol) पर क्या स्पष्टीकरण दिया?

WHO ने स्वीकार किया कि कुछ observational studies ने यह संभावना जताई थी कि paracetamol (acetaminophen) के prenatal exposure से ऑटिज्‍म जुड़ा हो सकता है। लेकिन WHO ने कहा कि इस दावे को कई बड़े अध्ययनों ने खारिज कर दिया है। यदि यह लिंक मजबूत होता, तो इसे लगातार सभी अध्ययनों में देखा जाता। इसलिए पैरासिटामॉल और ऑटिज़्म के बीच कोई ठोस संबंध नहीं है।

🟢 Fact-Check: Myth vs Fact
Myth (Trump का दावा)Fact (WHO का स्पष्टीकरण)
Tylenol (Paracetamol) गर्भवती महिलाओं द्वारा लेने से Autism हो सकता है।WHO ने साफ़ कहा कि Paracetamol और Autism के बीच कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। कुछ observational studies में हल्का लिंक दिखा, लेकिन कई बड़े स्टडीज़ ने इसे खारिज किया।
Vaccines बच्चों में Autism का कारण बनते हैं।WHO के मुताबिक, Vaccines सुरक्षित हैं और Autism का कारण नहीं बनते। पिछले 50 साल में childhood immunisation ने कम से कम 154 मिलियन जिंदगियां बचाई हैं।
बच्चों को दी जाने वाली standard vaccine schedule को बदलना चाहिए।WHO कहता है कि Immunisation schedule साइंस और रिसर्च पर आधारित है। इसे बदलने से बच्चे और समाज दोनों गंभीर बीमारियों के खतरे में आ सकते हैं।
MMR (Measles, Mumps, Rubella) जैसे टीके Autism से जुड़े हैं।WHO ने दोहराया कि MMR vaccine और Autism का कोई संबंध नहीं है। दुनियाभर की रिसर्च ने इसे साबित किया है।
WHO ने वैक्सीन और ऑटिज़्म पर क्या चेतावनी दी?

WHO ने साफ कहा कि वैक्सीन और ऑटिज़्म का कोई संबंध नहीं है। बल्कि, वैक्सीन बच्चों और समुदायों को life-threatening infectious diseases से बचाते हैं। जसारेविक ने कहा कि जब भी इम्यूनाइजेशन शेड्यूल में देरी या बदलाव होता है, तो संक्रमण का खतरा केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि पूरे समाज पर बढ़ जाता है।

Childhood Immunisation Schedule क्यों जरूरी है?

WHO ने बताया कि इम्यूनाइजेशन शेड्यूल ने अब तक करोड़ों जिंदगियां बचाई हैं। यह शेड्यूल वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित है और समय के साथ अपडेट होता रहता है। childhood vaccines जैसे MMR shot बच्चों को measles, mumps और rubella जैसी घातक बीमारियों से सुरक्षा देते हैं। हर मिस्ड डोज़ बच्चे को infection के खतरे के और करीब ले जाती है।

WHO ने observational studies पर क्या राय दी?

जसारेविक ने कहा कि observational studies कभी-कभी misleading हो सकती हैं। कई बार पर्यावरणीय या सामाजिक कारक भी autism जैसी स्थितियों से जुड़े दिखते हैं। लेकिन जब robust और large-scale studies हुईं, तो Tylenol और autism का कोई consistent संबंध नहीं पाया गया।

ट्रंप का रुख क्यों विवादित माना जा रहा है?

ट्रंप लंबे समय से anti-vax movement की आ‍इडियोलॉजी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कई बार Robert F. Kennedy Jr. के विचारों को बढ़ावा दिया है, जो दशकों से वैक्सीन को autism से जोड़ते रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के बयान public health के लिए खतरनाक हो सकते हैं और parents को vaccines पर संदेह में डाल सकते हैं।

ऑटिज़्म के कारणों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण क्या कहता है?

WHO और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों के अनुसार, ऑटिज़्म एक complex brain development condition है। इसके पीछे मुख्य रूप से genetic factors जिम्मेदार माने जाते हैं। हालांकि, पर्यावरणीय कारणों पर रिसर्च जारी है, लेकिन अब तक vaccines या Tylenol को जिम्मेदार साबित करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं है।

WHO का अंतिम संदेश क्या था?

WHO ने कहा कि “हर मिस्ड डोज़ life-threatening infectious disease के खतरे को बढ़ा देती है।” इसलिए सभी देशों को WHO द्वारा तय vaccination guidelines का पालन करना चाहिए और बिना प्रमाण किसी भी दावे पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

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