श्रीसंवलिया सेठ मंदिर में अब तक आए 6 करोड़ : दूसरे दिन डेढ़ करोड़ से ज्यादा की हुई गिनती, ऑनलाइन से भी आए 1.5 करोड़, सोने-चांदी के जेवर का भी चढ़ावा

श्रीसंवलिया सेठ मंदिर में आए 6 करोड़
सोमवार को सिक्कों की गिनती की जाएगी।

चित्तौड़गढ़‚ राजस्थान.  प्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवलिया जी मंदिर में अमावस्या के दिन भी चढ़ावे की गिनती जारी रही। रविवार की गणना को मिलाकर अब तक दान पेटी से कुल 6 करोड़ 48 लाख 11 हजार 500 रुपये प्राप्त हो चुके हैं। 

इसके अलावा श्रद्धालुओं ने एक करोड़ 49 लाख 65 हजार 778 रुपये भेंट स्वरूप ऑनलाइन ही भिजवाए। मंदिर में भेंट स्वरूप में बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण भी चढ़ाए गए हैं। 

भंडारे की गणना अभी भी पूरी नहीं हुई है। रविवार की मतगणना में एक करोड़ 58 लाख 11 हजार 500 रुपये मिले।

शनिवार को चतुर्दशी भंडार को खोला गया, जिसके बाद रविवार को भी मतगणना की गई। शनिवार को भंडार से 4 करोड़ 90 लाख रुपये की रकम निकली। रविवार को एक करोड़ 58 लाख 11 हजार 500 रुपये गिने गए। 

कुल प्राप्त राशि 6 ​​करोड़ 48 लाख 11 हजार 500 थी। इसके अलावा ऑनलाइन से एक करोड़ 49 लाख 65 हजार 778 रुपये प्राप्त हुए हैं। सिक्कों की गिनती अभी बाकी है।

सोना, चांदी के आभूषण

श्रीसंवरा सेठ मंदिर में भक्तों ने सोने के आभूषण भी भेंट किए। किसी ने भंडारे में दान दिया तो किसी ने कार्यालय में रसीद काटकर दान किया। 

लोगों ने भंडार में 83 ग्राम का सोना और 2 किलो 730 ग्राम की चांदी भी भेंट की गई। कार्यालय में 21 ग्राम 960 मिलीग्राम सोना, 7 किलो 119 ग्राम चांदी भेंट की गई। 

भेंट की गई स्वर्ण पॉलिश की हुई चांदी की पोशाक से ठाकुर जी को सजाया गया
नागौर के भक्त ने किया 3 किलो 218 ग्राम वजन की चांदी के पोशाक से श्रृंगार।

भेंट की गई स्वर्ण पॉलिश की हुई चांदी की पोशाक से ठाकुर जी को सजाया गया

नागौर के एक भक्त ने 3 किलो 218 ग्राम चांदी की पोशाक भेंट की। इसके ऊपर सोने की पॉलिश की गई है। रविवार को श्रीसांवलिया सेठ को इस पोशाक से सजाया गया।

कोरोना के कारण ब्रह्म भोज के बड़े आयोजन पर रोक

हर साल हरियाली अमावस्या पर ब्रह्म भोज का आयोजन किया जाता है। इस भोज में 10 से 15 हजार लोगों को खाना परोसा जाता है। इसमें 8 बोरी चीनी मालपुआ का प्रसाद बनाया जाता था। 

इस साल इतना बड़ा आयोजन कोरोना काल में नहीं किया गया। दो साल से सिर्फ 50 किलो चीनी मालपुए बन रहे हैं। आज रविवार को भी ब्रह्म भोज बनाकर आसपास के सभी मंदिरों में भिजवाया गया।

मंदिर में बंद रहा श्रद्धालुओं का प्रवेश
भेंट की गई पोशाक से किया श्रृंगार।

मंदिर में बंद रहा श्रद्धालुओं का प्रवेश

सांवलियाजी मंदिर में हरियाली अमावस्या के दिन भी मंदिर के पट बंद रखे गए। शनिवार को चतुर्दशी के दिन भी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पट बंद रहे और रविवार को भी दर्शन बंद ही रहे। इस दौरान सुरक्षा भी कड़ी रही।

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