Rajasthan Congress:वन-टू-वन संवाद पर क्‍या होगी सचिन व गूढ़ा पर कार्रवाई? जानें राजस्‍थान की पॉलि‍ट‍िक्‍स Read it later

 

Rajasthan Congress : जैसे- जैसे राजस्‍थाान में चुनाव के दिन करीब आते जा रहे हैं, वैसे ही राजस्‍थाान कांग्रेस में सचिन-गहलोत विवाद एक बार फि‍र जोर पकड़ रहा है। सचिन (Sachin Pilot) भले ही खुले तौर पर खुद सीएम के पद को नकारते रहे हों, लेकिन सत्‍ता की कुर्सी किसे बुरी लगती है… दूसरी ओर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री गहलोत (CM Ashok Gehlo) भी चौथी बार सीएम बनने की जैसे जि‍द पकड़ कर बैठे हैं, ऐसा हठ की पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के पद तक को अपनी जादूगरी से ठुकरा दिया। तभी तो बीते तीन साल से प्रदेश की जनता को हैल्‍थ, कमर्चारी पेंशन, व जनता से जुड़ी सौगतें पर सौगातें दिए जा रहे हैं। खैर राजस्‍थान कांग्रेस की अभी की बात करते हैं।

राजस्थान में चंद महीनों के लिए बने पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सीएम सचिन पायलट और मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के बयानों पर प्रदेश कांग्रेस ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। मंगलवार को इसे प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder Singh Randhawa) को सौंप दिया गया। विधायकों (Congress MLA) के साथ कांग्रेस के वार रूम में हुई फीडबैक मीटिंग (congress one to one dialogue) के दौरान सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने रंधावा से पायलट और गुढ़ा के बयानों पर चर्चा की। साथ ही उनसे जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स की पूरी फाइल बनाकर सौंपी है। राज्य कांग्रेस की रिपोर्ट में धुएं में सांस लेने वाले पायलट के बयान भी शामिल हैं। गुढ़ा ने सोमवार को आलाकमान को खुली चुनौती भी दी थी। कुछ बयानों के वीडियो भी दिए गए हैं।

बताया जाता है कि सचिन पायलट द्वारा खेतड़ी की सभा में दिए गए भाषण और बयानों पर प्रदेश कांग्रेस (Rajasthan Congress) ने एक रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को दी गई है। इस रिपोर्ट में पायलट के बयानों का विवरण है।

फीडबैक मीटिंग में शामिल होने वाले कुछ विधायकों ने पायलट के बयानों वाले दस्तावेजों को देखने का भी दावा किया। प्रदेश कांग्रेस (Rajasthan Congress) की ओर से जारी फीडबैक बैठक की कुछ तस्वीरों में दस्तावेज भी दिखाई दे रहे हैं।

गुढ़ा ने कहा था, मां का दूध पिया है तो सचिन पायलट पर याद दिलाएं

सोमवार को खेतड़ी में शहीद की प्रतिमा के अनावरण के बाद हुई बैठक में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने मंच से आलाकमान को चुनौती दी। गुढ़ा ने कहा था- अगर किसी ने मां का दूध पिया है तो उसे कार्रवाई कर सचिन पायलट पर अनुशासन दिखाना चाहिए। छठी का दूध याद आ जाएगा। राजेंद्र गुढ़ा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी है तो कभी भी कीजिए, हम तैयार हैं। गुढ़ा ने साफ तौर पर पार्टी आलाकमान को चुनौती दी थी।

 

सचिन ने सीएम गहलाेत का नाम लिए बगैर कहा था- जब मैं धुआं छोड़ता हूं तो धुआं निकलता है…

सचिन पायलट ने खेतड़ी सभा में सीएम अशोक गहलोत का नाम लिए बगैर कहा था- जब मैं विरोध करता हूं तो ऐसा विरोध करता हूं कि धुआं छोड़ता हूं। मैंने कभी किसी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया है। मैंने न तो अभद्र भाषा का प्रयोग किया है और न ही भविष्य में करूंगा। भ्रष्टाचार को लेकर मैंने सात दिन पहले अनशन किया था। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदेश का युवा स्वच्छ राजनीति चाहता है। जिन मुद्दों पर हमने भाषण देकर और जनता से वादे करके वोट हासिल किए, उन पर कार्रवाई करनी होगी।

 

अब पायलट के बयानों पर आलाकमान की पैनी नजर

सचिन पायलट पिछले रविवार से हमलावर हैं। पहले पायलट ने 11 अप्रैल को जयपुर में शहीद स्मारक पर भाजपा शासन के भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का मुद्दा उठाते हुए अनशन किया। प्रभारी रंधावा ने बयान जारी कर पायलट के अनशन को पार्टी विरोधी गतिविधि बताते हुए बातचीत का आग्रह किया था. रंधावा के पायलट को नोटिस मिलने के बयान को लेकर कांग्रेस में चर्चा शुरू हो गई थी। बाद में बीच का रास्ता निकाला गया। अब कांग्रेस में पायलट के बयानों पर विशेष नजर रखी जा रही है. दिल्ली में दो दिनों तक बैठकों का दौर भी चला। इन बैठकों में तय हुआ कि फिलहाल पायलट के मुद्दे पर कुछ नहीं किया जाएगा. इसकी वजह कर्नाटक चुनाव को भी माना जा रहा है।

इधर कांग्रेस के एक नेता ने कहा है कि “पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में गहलोत सरकार ओर से किए गए कार्यों के आधार पर सरकार को दोहराने का लक्ष्य बना रही है, लेकिन इसके लिए योजनाबद्ध और समन्वित तरीके से योजनाओं का प्रचार करना महत्वपूर्ण है। सीएम गहलोत ने विधायकों से चर्चा का फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि राजस्थान को नंबर वन बनाने के लिए मिशन 2030 और महंगाई राहत शिविर को लेकर आवश्यक सुझाव दिए गए हैं। ये विचार खुले तरीके से राजस्थान के सपने को साकार करेंगे। उन्होंने लिखा कि इस चर्चा से राजस्थान को नंबर वन बनाने की दिशा में तेजी आएगी। फि‍ल हाल देखना ये होगा कि गहलोत का चौथी बार सीएम बनने का सपना पूरा होता है या यह आगामी इलेक्‍शन में सपना ही बन कर रह जाएगा।

 

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