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AI Recreate: बीमारी से खो रहे आवाज को एआई से किया रीक्रिएट

AI Recreate: अक्सर एमियोट्रोफिक लैटरल स्लेरोसिस(Amyotrophic lateral sclerosis) जैसी बीमारी से जूझ रहे लोग बोलने, लिखने व चलने की क्षमता खो बैठते हैं। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उनकी आवाज को डेटाबेस पर सेव कर टेक्स्ट-टू-स्पीच सॉफ्टवेयर की मदद से उनकी आवाजों जिंदा रख रहे है।

 

चुटकुले सुनाना पसंद, आवाज को किया स्टोर

स्कूल व्यवस्थापक रॉन ब्रैडी 52 वर्ष के थे, जब उन्हें एएलएस का पता चला। उन्हें चुटकुले सुनाना पसंद है, लेकिन उनकी आवाज इतनी धीमी हो चुकी है कि बहुत कम लोग उन्हें समझ पाते हैं। ऐसे में एआइ “वॉइस कीपर” से रॉन ने अपनी आवाज को स्टोर किया। अब वह टाइपिंग के माध्यम से लिखते है और आर्टिफिशियल आवाज उनके लिखे हुए शब्दों को बोलती है।

 

टेक्नोलॉजी से मिला भरोसा (AI Recreate)

जब से कैल्फोर्निया के 51 वर्षीय अन्ना पाउला परेरा हुले माटेउस को इस नई टेक्नोलॉजी का पता चला है इसे आजमाने के लिए उत्सुक हो गई। उन्हें डॉक्टर ने बताया कि वॉइस बैंकिंग से वह लोगों से पहले के जैसे बात कर सकेगी।अन्ना ने कहा कि “अब मुझे बहुत खुशी है कि मैंने ऐसा किया, क्योंकि मुझे लगता है कि मेरी आवाज खोती जा रही है।

AI Recreate
(Michaela Vatcheva/ The Washington Post)

 

लेकिन मूल भाषा में नहीं कर पा रही बात

अन्ना ने बताया कि वह जिस कंपनी का वॉइस बैंकिंग का इस्तेमाल कर रही है वह पुर्तगाली में सेवा प्रदान नहीं करती, जिसके कारण परिवार से बात करने के लिए उन्हे संघर्ष करना पड़ता है।

 

इस तरह आवाज को कर रहे स्टोर

पहले किसी भाषा में हर ध्वनि को पकड़ने के लिए व्यक्ति को 1 से 6 हजार वाक्यों को रिकॉर्ड करना मुश्किल था। लेकिन एआई सॉफ्टवेयर मरीजों के बातचीत का विश्लेषण कर समान डेटाबेस तैयार करता है।

 

नेमोर्स सेंटर फॉर पीडियाट्रिक ऑडिटरी एंड स्पीच साइंसेज (Nemours Center for Pediatric Auditory and Speech Sciences) के निदेशक टिम बनेल कहते हैं, इंसानी भाषा को समझ पाना अविश्वसनीय रूप से जटिल है। पहले, किसी भाषा में हर संभव आवाज को पकड़ने के लिए एक व्यक्ति को 1,000 से 6,000 वाक्यों को रिकॉर्ड करना पड़ सकता था। (ALS) इस प्रक्रिया में आमतौर पर आठ से 30 घंटे लगते थे। लेकिन अब रिकॉर्ड की गई आवाज तब एक डेटाबेस तैयार किया गया है जिससे सॉफ़्टवेयर शब्दों और वाक्यांशों को बनाने के लिए आवाज को सही तरीके से व्‍यवस्थित करेगा।

 

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सांवरिया सेठ सिंह

सांवरिया सेठ सिंह पत्रकारिता के क्षेत्र में 14 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ ThumbsUp Bharat से जुड़े हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और डिजिटल न्यूज पोर्टल पर अपनी सेवाएं देने के बाद वे इस मंच का हिस्सा बने हैं। बिजनेस, देश-प्रदेश, धर्म और टेक्नोलॉजी समाचारों की गहरी समझ रखने वाले सांवरिया सेठ सिंह का अनुभव ThumbsUp Bharat की संपादकीय टीम को और सशक्त बनाता है।

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