डीपफेक को लेकर एडवाइजरी, सोशल मीडिया कंपनियों के साथ सरकार ने की बैठक Read it later

Deepfake: केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर ‘डीपफेक’ और गलत सूचना के मुद्दों पर एक्‍शन लेने के लिए अगले दो दिन में एडवाइजरी जारी करने को कहा है। सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री चन्द्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने और ऑनलाइन यूजर्स के विश्वास और सुरक्षा पर सरकार का खास ध्यान है।

उन्होंने बताया कि ‘गलत सूचना और डीपफेक पर सोशल मीडिया कंपनियों के साथ दूसरी बैठक हुई जिसमें पिछली बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई. कई मंच पहली बैठक में लिए गए निर्णयों का पालन कर रहे हैं और 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अगले दो दिनों में सलाह जारी की जाएगी। ‘डीपफेक’ का तात्पर्य छेड़छाड़ की गई मीडिया सामग्री से है। इसमें किसी भी व्यक्ति को गलत तरीके से पेश करने या चित्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से डिजिटल हेरफेर किया जाता है और उसे बदल दिया जाता है।

हाल ही में कुछ फिल्मी कलाकारों को निशाना बनाते हुए कई ‘डीपफेक’ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उसके बाद, सरकार छेड़छाड़ की गई सामग्री और फर्जी वीडियो बनाने के लिए टेक्‍नोलॉजी और टूल के मिसयूज को लेकर सतर्क हो गई है। दरअसल सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को कड़े शब्दों में कहा है कि उन्हें यूजर्स की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने होंगे।

सोशल मीडिया रिप्रजेंटेटिव्‍स के साथ हुई थी बैठक

सरकार ने कहा है कि आईटी नियमों के तहत पहचाने गए 11 यूजर्स को नुकसान’ या ‘ख़राबियां’ भी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के अंतर्गत आती हैं। ऐसी स्थिति में मौजूदा कानूनों के तहत क्राइम प्रोविजन का भी सामना करना पड़ेगा। इससे पहले 24 नवंबर को भी चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रिप्रजेंटेटिव्‍स के साथ मुलाकात की थी। उन्होंने कंपनियों को डीपफेक मुद्दे पर फाइनल एक्‍शन लेने और यूज की शर्तों को नियमों में बदलने के लिए सात दिन का समय दिया था।

Deepfake पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी

सूत्रों के मुताबिक, पिछली बैठक के बाद से हुई प्रगति का आकलन करने के लिए मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ समीक्षा बैठक की गई। इसमें यह तथ्य सामने आया कि कुछ मंचों ने सरकार के निर्देशों का अनुपालन किया है जबकि कुछ मंच जो ऐसा करने में विफल रहे, उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया है। सरकार ने बैठक में स्पष्ट किया कि वह उपयोगकर्ताओं को नुकसान के संबंध में अपना ‘शून्य सहनशीलता’ दृष्टिकोण जारी रखेगी। इस मुद्दे का आकलन करने के लिए एक सप्ताह में सोशल मीडिया कंपनियों के साथ अंतिम बैठक की जाएगी।

 

जानकारी के अनुसार जहां कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हालात की जरूरत को समझते हुए इसे तेजी से अपना रहे हैं, वहीं कुछ प्लेटफॉर्म ने इसमें सुस्ती दिखाई है। बैठक में सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया उपयोगकर्ता को नुकसान पहुंचाने के आपराधिक परिणाम हो सकते हैं और मौजूदा कानूनों में भी ऐसे अपराधों के लिए प्रावधान हैं। सरकार सात दिनों में समीक्षा करेगी कि क्या सलाह सोशल मीडिया कंपनियों के लिए पर्याप्त होगी या उन्हें नए या संशोधित नियम जारी करने होंगे।

 

ये भी पढ़ें –

Diplomates:19 साल बाद भारत को ज्‍यादा IFS पोस्‍ट की जरूत क्‍यों पड़ी

 

Like and Follow us on :

Google News |Telegram | Facebook | Instagram | Twitter | Pinterest | Linkedin

Was This Article Helpful?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *