Shani Vakri 2023: वक्री शनि इन जातकों को बनाएंगे मालामाल, अन्‍य राशि के जातक करें ये उपाय Read it later

Shani Vakri 2023: 18 जून को शनि कुम्भ राशि में वक्री हो रहे हैं। शनि की वक्री तिथि को लेकर भी पंचांग में मतभेद हैं, कुछ पंचांगों में शनि के वक्री होने की तिथि 17 तारीख बताई गई है। वक्री होने का साफ अर्थ यह है कि शनि अब उल्टी दिशा में चलने लगे हैं और मार्गी होने का अर्थ है कि ग्रह सीधा चल रहा है। शनि के वक्री होने से सभी 12 राशियों पर इस ग्रह का प्रभाव भी बदलने वाला है।

पुरी के ज्योतिषी के अनुसार पं. योगेश्वर रामानुज, शनि 18 जून से 4 नवंबर तक वक्री रहेगा, इस बार शनि पूरे समय कुंभ राशि में रहेगा। शनि के कारण कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। शनि के दोषों को खत्म करने के लिए सभी लोगों को शनि की पूजा करनी चाहिए और शनि के 10 नाम मंत्रों का जाप करना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र में शनि को बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। शनिदेव के शुभ प्रभाव से व्यक्ति जीवन में खूब उन्नति करता है। वहीं यदि शनि की दृष्टि अशुभ हो तो जातक को अशुभ फल भोगने पड़ते हैं। शनि 17 जून को कुम्भ राशि में वक्री होने जा रहा है। ज्‍योतिषाचार्यों की मानें तो शनि के वक्री होने से केंद्र त्रिकोण राजयोग बनने जा रहा है। कुछ राशि के जातकों को इससे भरपूर लाभ मिलने वाला है। जानिए किन राशियों क‍ि क‍िस्‍मत बदलने वाली है।

 

मेष (Aries)

मेष राशि के जातकों के लिए वक्री शनि अत्यंत लाभकारी रहेगा। इस अवधि में आपके धन में वृद्धि होने के प्रबल योग हैं। इस योग के शुभ प्रभाव से आपकी आर्थिक परेशानी पूरी तरह से दूर हो जाएगी। अगर आप व्यापार करते हैं तो यह अवधि आपके लिए धन लाभ लेकर आ सकती है।

 

वृषभ राशि (TAURUS)

केंद्र त्रिकोण राजयोग बनने से वृष राशि के जातकों के जीवन में कई अहम बदलाव होंगे। इस दौरान आपको अपनी पसंद की नौकरी मिलने की प्रबल संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपको नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं।

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि के जातकों पर शनिदेव की विशेष कृपा रहने वाली है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में यह अवधि आपके लिए लाभकारी रहेगी। इस दौरान मिथुन राशि के जातकों को विदेश जाने का मौका मिल सकता है। साथ ही आपकी आर्थिक प्रगति के प्रबल योग हैं।

 

सिंह (Leo)

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक लाभ लेकर आएगा। इस दौरान आपको धन लाभ होने की संभावना है और इससे जातकों के रुके हुए कार्य भी आसानी से पूरे होंगे। यदि आपकी कोई व्यापारिक डील अटकी हुई है तो इस दौरान उसकी पुष्टि हो सकती है।

 

मकर (Capricorn)

मकर राशि वालों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और आपको विभिन्न स्रोतों से धन की प्राप्ति होगी। साथ ही आप कमाए हुए धन को भी संचय करने में सफल रहेंगे। इस अवधि में आपके जीवन में सुख-समृद्धि की वृद्धि होगी।

 

ऐसी ही स्थिति साढ़ेसाती और ढय्या की होती है

शनि इस समय कुंभ राशि में हैं। मकर राशि में शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। कुंभ राशि दूसरी और मीन साढ़ेसाती की पहली ढय्या है। इन तीन राशियों के अलावा कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि का शासन है। शनि की वजह से इन राशियों को सावधानी से काम लेने की जरूरत है।

यह शनि के 10 नामों वाला मंत्र है

कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।

सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।

इस मंत्र में शनि के दस नाम कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रांतक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद और पिप्पलाद हैं। रोज सुबह पूजा करते समय इन नामों का जाप करना चाहिए। अगर आप रोज पूजा नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम हर शनिवार को पूजा करें और इन मंत्रों का जाप करें।

आप घर के मंदिर या किसी अन्य मंदिर में भी भगवान की पूजा करते समय शनि के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। पूजा करते समय शनिदेव का ध्यान करें। अगरबत्ती जलाएं। फूल और प्रसाद चढ़ाएं। इसके बाद शनि के 10 नामों वाले मंत्र का 108 बार जाप करें।

यदि आप मंत्र का उच्चारण ठीक से नहीं कर पा रहे हैं तो शनि के 10 नामों का जाप कर सकते हैं। जप के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें तो बेहतर होगा। शनि को नीले फूल अर्पित करने चाहिए। पूजा के साथ ही जरूरतमंद लोगों को काले तिल और तेल का दान करें।

 

सूर्यपुत्र हैं शनिदेव

शनि सूर्य देव के पुत्र हैं। यमराज और यमुना उनके सौतेले भाई-बहन हैं। सूर्या की पत्नी का नाम संज्ञा देवी है। यमराज और यमुना संज्ञा की संतान हैं। संज्ञा सूर्य का ताप सहन नहीं कर पाई तब उसने अपनी छाया सूर्य की सेवा में लगा दी और स्वयं वहां से चली गई। इसके बाद शनि देव ने सूर्य और छाया की संतान के रूप में जन्म लिया।

 

ये भी पढ़ें –

Shani Sign: जीवन में ये चीजें होने लगे तो समझ‍िए शनि का भारी प्रकोप शुरू, जानिए क्‍या हैं संकेत

Durva Ke Upay: दूर्वा के इन चमत्कारिक उपाय से दूर हो जाएंगे जीवन के कष्‍ट

 

 

Disclaimer: खबर में दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है। थम्सअप भारत किसी भी तरह की मान्यता की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी धार्मिक कर्मकांड को करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

 

Like and Follow us on :

Google News | Telegram | Facebook | Instagram | Twitter | Pinterest | Linkedin

Was This Article Helpful?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *