Kathmandu Protests: नेपाल में हालात बेहद बिगड़ चुके हैं। Nepal violent protests 2025 के दौरान प्रदर्शनकारियों ने संसद, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के निजी आवासों में आग लगा दी। सुरक्षा बलों से हथियार छीन लिए गए और पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों पर भी हमला हुआ।
पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल के घर में आग, पत्नी की मौत
प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री Jhalanath Khanal के घर को आग के हवाले कर दिया। इसमें उनकी पत्नी Rajlaxmi Chitrakar गंभीर रूप से जल गईं और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
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शेर बहादुर देउबा और वित्त मंत्री विष्णु पौडेल पर हमला
पूर्व प्रधानमंत्री Sher Bahadur Deuba को उनके घर में घुसकर पीटा गया, जबकि वित्त मंत्री Bishnu Paudel पर काठमांडू में हमला हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक प्रदर्शनकारी उन्हें जमीन पर गिराकर लात मारते दिख रहा है।
PM ओली ने इस्तीफा दिया, सेना ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
लगातार बढ़ती हिंसा के बीच प्रधानमंत्री KP Sharma Oli ने इस्तीफा दे दिया। नेपाली सेना के हेलिकॉप्टर से उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। राजधानी Kathmandu riots में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से अधिक घायल हैं।
#WATCH | Nepal: Protestors set the Parliament building on fire as the protest turned violent in Kathmandu.
The Nepali PM resigned this afternoon amid demonstrations against the Government over alleged corruption. pic.twitter.com/YWUO1GWnK8
— ANI (@ANI) September 9, 2025
रबि लामिछाने ने प्रदर्शनकारियों से की अपील
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष Rabi Lamichhane, जेल से रिहा होने के बाद, प्रदर्शनकारियों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट नेताओं की तीन पीढ़ियों से लूटी गई संपत्ति का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि न्यायिक और सुरक्षा दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाना खतरनाक हो सकता है।
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नेपाल बॉर्डर पर UP पुलिस हाई अलर्ट पर
नेपाल में जारी violent protests को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने नेपाल से लगे बॉर्डर इलाकों में high alert जारी कर दिया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस संबंध में आदेश दिए हैं। वहीं नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर—0522-2390257, 0522-2724010 और 9454401674 जारी किए गए हैं।
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पशुपतिनाथ मंदिर के गेट को तोड़ने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार शाम कुछ प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू स्थित Pashupatinath temple का गेट तोड़ने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर नेपाली सेना को मौके पर तैनात किया गया। सेना प्रवक्ता राजाराम ने पुष्टि की कि स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सैनिक भेजे गए हैं।
प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील
आंदोलन के नेताओं ने कहा कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में बाहरी घुसपैठिए शामिल हो गए हैं। उन्होंने बातचीत के लिए तैयार रहने की बात कही और अपील की कि किसी तरह की आगजनी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए।
काठमांडू में पुलिसकर्मियों की हत्या
काठमांडू के Koteshwar area में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी जला दी और आत्मसमर्पण कर चुके पुलिसकर्मियों को पीट-पीटकर मार डाला। इस हमले में तीन पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई।
नेपाल सेना का बयान – एकता बनाए रखें
नेपाल सेना ने बयान जारी कर कहा कि देश की आज़ादी, एकता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए वे हमेशा तत्पर हैं। सेना ने लोगों से अपील की कि वे भाईचारा बनाए रखें और राष्ट्रीय धरोहरों को नुकसान न पहुंचाएं। सेना ने यह भी कहा कि Gen Z protests पर उनकी नजर है और जनता की जान-माल की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
नेपाल में सेना ने हालात काबू में लेने का ऐलान किया
नेपाल में जारी violent protests और आगजनी के बीच नेपाली सेना ने कहा कि हालात का फायदा उठाकर कुछ लोग आम नागरिकों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लूटपाट और तोड़फोड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
सेना की सख्त चेतावनी
सेना ने साफ किया कि अगर ये हिंसक गतिविधियां नहीं रुकीं, तो रात 10 बजे से सेना और अन्य security forces देश की सुरक्षा और व्यवस्था बहाल करने के लिए कंट्रोल अपने हाथ में लेंगी।
काठमांडू सुप्रीम कोर्ट परिसर में आगजनी
नेपाल में जारी Gen Z protests के दौरान हालात और गंभीर हो गए हैं। राजधानी Kathmandu स्थित सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों को तोड़कर आग के हवाले कर दिया।
अटॉर्नी जनरल के दफ्तर पर हमला
वकील नीरजन पांडे के मुताबिक, उपद्रवियों ने सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ Attorney General office में भी तोड़फोड़ और आगजनी की।
स्पेशल कोर्ट और जिला न्यायालय निशाने पर
यही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने Special Court और Kathmandu District Court में भी घुसकर तोड़फोड़ की और वहां मौजूद कई अहम केस फाइलों को बाहर निकालकर जला दिया।
काठमांडू में CIAA ऑफिस पर आगजनी
नेपाल में जारी violent protests के बीच मंगलवार शाम प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू स्थित CIAA office (Commission for the Investigation of Abuse of Authority) में आग लगा दी। यह संस्था सरकारी निकायों, अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए corruption और bribery cases की जांच करती है। आगजनी से भवन को भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस और दमकलकर्मी देर रात तक आग बुझाने में जुटे रहे।
कोटेश्वर में 3 पुलिसकर्मियों की हत्या
काठमांडू के Koteshwar area में आंदोलनकारियों ने पहले एक पुलिस चौकी में आग लगा दी। इसके बाद आत्मसमर्पण कर चुके पुलिसकर्मियों को सड़क पर लाकर बेरहमी से हमला किया, जिसमें 3 अधिकारियों की मौत हो गई। काठमांडू जिला पुलिस कार्यालय के एसपी अपिल बोहरा ने पुष्टि की कि Koteshwar police post पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों की जान गई।
आंदोलन की वजहें
सोशल मीडिया पर बैन
सरकार ने Facebook, Instagram और WhatsApp पर बैन लगाया, जिससे युवाओं की ऑनलाइन कमाई और कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हुई।
चार साल में तीन बड़े घोटाले
गिरी बंधु भूमि स्कैम (2021): ₹54,600 करोड़
ओरिएंटल कोऑपरेटिव (2023): ₹13,600 करोड़
कोऑपरेटिव (2024): ₹69,600 करोड़
लगातार राजनीतिक अस्थिरता
पिछले पांच सालों में नेपाल ने तीन प्रधानमंत्रियों का बदलाव देखा—शेर बहादुर देउबा, पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ और केपी शर्मा ओली।
बेरोजगारी और आर्थिक असमानता
नेपाल की बेरोजगारी दर 10% से अधिक है। वहीं, 20% लोगों के पास आधी से ज्यादा संपत्ति है, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ा।
विदेशी दबाव का असर
कभी अमेरिका तो कभी चीन के दबाव के चलते नीतियों पर असर पड़ा। बैन के बीच केवल TikTok जैसी प्लेटफॉर्म सक्रिय रहा।
भारत से बिगड़ते रिश्ते
लिपुलेख विवाद और चीन से नजदीकी ने भारत-नेपाल संबंधों को कमजोर किया। इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था और युवाओं की बेचैनी पर पड़ा।
भाई-भतीजावाद और नेपोटिज़्म
नेताओं ने अपने रिश्तेदारों को अहम पद दिए। उनके बच्चे विदेश यात्राओं और महंगे ब्रांड के यूज़ से सुर्खियों में रहे। इससे आम युवाओं में नाराजगी और बढ़ गई।
नक्खू जेल से 1500 कैदी फरार
नेपाल में जारी violent protests के बीच ललितपुर की नक्खू जेल से लगभग 1500 कैदी भाग निकले। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रबि लामिछाने की रिहाई के बाद पुलिस ने सुरक्षा चौकियां खाली कर दीं, जिससे कैदियों को बाहर निकलने का मौका मिला। अब इलाके में सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका बढ़ गई है।
पूर्व पीएम झालानाथ खनाल की पत्नी गंभीर रूप से झुलसीं
काठमांडू के दल्लू इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री Jhalanath Khanal के घर में आग लगा दी। इस दौरान उनकी पत्नी Rajyalakshmi Chitrakar घर के अंदर थीं और गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
Gen-Z युवाओं का लेटर – तोड़फोड़ न करें
नेपाल में सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे Gen-Z protestors ने लेटर जारी कर अपील की है कि अब सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए। लेटर में कहा गया कि प्रधानमंत्री ओली ने इस्तीफा दे दिया है और देश अब नई लीडरशिप की ओर बढ़ रहा है।
दिल्ली में नेपाल दूतावास की सुरक्षा बढ़ाई गई
नेपाल में जारी अशांति के बीच भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित नेपाल दूतावास (Barakhamba Road) की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
आर्मी चीफ करेंगे राष्ट्र को संबोधित
नेपाल के सेना प्रमुख Ashok Raj Sigdel जल्द ही राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह भाषण तब होने जा रहा है जब प्रधानमंत्री समेत कई बड़े नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है।
नेपाल के राष्ट्रपति ने भी दिया इस्तीफा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल के राष्ट्रपति ने भी पद छोड़ दिया है। हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
काठमांडू एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द
राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट (TIA) पर सभी उड़ानें सुरक्षा कारणों से रद्द कर दी गईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि कोटेश्वर इलाके से उठ रहे धुएं के कारण फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। घरेलू एयरलाइन Buddha Air ने भी अपनी सभी उड़ानें रोक दी हैं।
बालेन शाह को पीएम बनाने की मांग
सोशल मीडिया पर आंदोलनकारी काठमांडू के मेयर Balen Shah को नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।
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पूरा नाम
बालेंद्र शाह (बालेन शाह)
जन्म
27 अप्रैल 1990, काठमांडू
शिक्षा
भारत से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की
वर्तमान पद
काठमांडू के मेयर
राजनीतिक सफर
2022 में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की
2023 में टाइम्स मैगज़ीन ने उन्हें दुनिया के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया
विवाद
फिल्म आदिपुरुष के संवादों को लेकर आपत्ति जताई थी और कहा था कि यह मूवी काठमांडू में रिलीज़ नहीं होने देंगे
5 सालों के भीतर 3 पड़ोसी देशों में आमजन के गुस्से से सत्ता बदली
श्रीलंका

क्या हुआ: 2022 में आर्थिक संकट गहराने पर जनता सड़कों पर उतरी। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को इस्तीफा देना पड़ा।
कब हुआ: मार्च 2022 में प्रदर्शन शुरू हुए और जुलाई 2022 तक सरकार गिर गई।
अब क्या स्थिति: 2025 तक स्थिति में सुधार आया। 22 सितंबर 2024 को अनुरा कुमार दिसानायके देश के राष्ट्रपति चुने गए।
बांग्लादेश

क्या हुआ: 2024 में सरकारी नौकरियों में कोटा सिस्टम के खिलाफ छात्रों का आंदोलन छिड़ा। आंदोलन हिंसक होते-होते प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा।
कब हुआ: जून 2024 में प्रदर्शन शुरू हुए और 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया।
अब क्या स्थिति: 2024 से अंतरिम सरकार मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में काम कर रही है और नए चुनावों की तैयारी हो रही है। हालांकि राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।
म्यांमार

क्या हुआ: 2021 में सैन्य तख्तापलट हुआ। इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर अहिंसक आंदोलन शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक संघर्ष में बदल गया और देश गृहयुद्ध की स्थिति में पहुंच गया।
कब हुआ: फरवरी 2021 में तख्तापलट हुआ और उसी महीने विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कई विद्रोही गुट अभी भी सेना से लड़ाई लड़ रहे हैं।
अब क्या स्थिति: विद्रोही गुट और सेना के बीच लगातार संघर्ष जारी है। 30 लाख से ज्यादा लोग घर छोड़ चुके हैं और 6500 से अधिक नागरिक अब तक मारे जा चुके हैं।
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